भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में होगी दिल्ली निगम चुनाव की कमान

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने वाली भाजपा नगर निगम चुनाव में भी अपना परचम लहराने के लिए तैयारी कर रही है। निगम चुनाव पार्टी के लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा उसकी रणनीति से लगाया जा सकता है। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस चुनावी अभियान की पूरी कमान अपने हाथ में रखना चाहता है। इसलिए तीन मंत्रियों निर्मला सीतारमण, डॉ. जितेंद्र सिंह और संजीव बालियान को अलग-अलग निगमों की कमान सौंप दी गई है। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे को चुनाव से संबंधित सभी कमेटियों के काम को सही तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई है। पिछले 10 वर्षो से निगम में भाजपा का कब्जा है। इस बार भी जीत हासिल कर पार्टी यहां हैट्रिक लगाना चाहती है। इसके लिए हरसंभव फैसले लिए जा रहे हैं। सत्ता विरोधी लहर से निपटने के लिए किसी भी मौजूदा पार्षद और उनके परिजनों को टिकट नहीं देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा प्रदेश की टीम में जिस तरह की गुटबाजी है, उसे देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व निगम चुनाव में कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है। प्रदेश की टीम हो या जिला अध्यक्षों की नियुक्ति, हर जगह गुटबाजी देखने को मिली है। वहीं, सभी पार्षदों को टिकट नहीं देने के फैसले से भी भीतरघात का खतरा बढ़ गया है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि कुछ पार्षद अपने वार्ड में पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ कार्य कर सकते हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व विशेष रूप से सतर्क हो गया है। निगम चुनाव में प्रचार अभियान को आगे बढ़ाने के साथ प्रत्याशियों के चयन में भी केंद्रीय नेतृत्व की विशेष भूमिका रहेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के प्रत्येक वार्ड में सर्वे कराया जा रहा है। इसके आधार पर ही प्रत्याशियों के चयन के साथ मुद्दे तय किए जाएंगे। मंडल और जिला इकाई से संभावित प्रत्याशियों के नाम की सूची मांगी गई है। कार्यकर्ताओं से भी आवेदन मांगे गए हैं। अब सर्वे के आधार पर इन नामों में से प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। उम्मीद है कि 25 मार्च को रामलीला मैदान में होने वाले कार्यकर्ता सम्मेलन के अगले दिन निगम चुनाव के लिए पहली सूची जारी कर दी जाएगी।

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