मौसम की करवट, तेज हवाएं, हल्की बारिश

ललितपुर, उत्तर प्रदेश/लखन तिवारीः विकास खंड मडावरा क्षेत्र के आधा दर्जन जमोरा, इमालिया कला, नयागाँव, सरखडी, जिलोनि, झरावटा, उमरिया आदि गांवों मे देर शाम आसमान पर छाए बादल बौछारों के रूप में बरस पड़े। शनिवार रात 10 बजे से रुक-रुक कर बूंदाबांदी शुरू हुई जो रविवार सुबह आठ बजे तक जारी रही। किसानों की माने तो अभी गेहूं, जौ, कटिया गेहूं आदि फसलों में दस से बीस प्रतिशत का नुकसान का अनुमान कृषक लगा रहे है, औऱ दलहन में चना जिसमें 25 से 30 प्रतिशत का नुकसान हो सकता है, क्योंकि चने के दाने का आकार बड़ा होने से 10 घंटे रिमझिम हुई बरसात के कारण दाना फूलकर फफूंदी पकड़ चुका होगा। ग्राम झरावटा के कृषक संजय पटेल से बात कि तो वह बताते हैं कि “जौ, गेहूं की फसल कटी हुई डली हुई थी, जिससे उसमें पानी भर जाने के कारण 5 से 10 प्रतिशत दाना काला पड़ गया है। जिसका असर मंडी में दिखेगा। क्योंकि मंडी में पानी पड़े अनाज का भाव सौ से 200 रुपए प्रति क्विंटल किसानों को कम मिलेगा। ग्राम जमोरा के कृषक कांशीराम मक्कदम “दलहन में मटर की कटाई और मडाई हो चुकी है. केवल चना एवं गेहूं की कटाई मडाई होनी बाकी थी। जिसमें फिलहाल थोड़ा नुकसान हो सकता है। ग्राम जमोरा के एक और किसान कुंजन लाल विश्वकर्मा बताते हैं कि मैंने 2 एकड़ खेत में सब्जी के लिए पौध रोपी थी गेहूं की कटाई चल रही थी। परंतु पानी गिरने के कारण रोपी पौध पानी से खराब हो चुकी है, और गेहूं की फसल तेज हवा और पानी से पूरी तरह बिछ गई है। जिसमें बीस से 25 प्रतिशत का नुकसान हो चुका है। ग्राम सरखडी के प्रधान कंछेदी लाल पटेल बताते हैं कि गेहूं, जौ आदि फसलों को 10 से 15 प्रतिशत का नुकसान अभी हो चुका है, दलहन मे चने की फसल को 30 से 33प्रतिशत हानि हुई है, हां अगर और बारिश होती है तो नुकसान का प्रतिशत और भी बढ सकता है। वैसे इस वर्ष पिछले बरसों की अपेक्षा फसलें अच्छी दिख रही थीं। किसान पिछले तीन -चार वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं जैसे अतिवृष्टि ओलावृष्टि की मार झेलते आ रहे हैं। उधर मौसम विभाग की माने तो रविवार को भी बारिश होने की भविष्यवाणी की है। जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई हैं। रवि की फसलों में गेहूं की फसल प्रमुख है, जिसकी अभी संपूर्ण तरह से कटाई भी नहीं हो पाई थी की बेमौसम बरसात ने दस्तक दे दी। अगर बारिश एक या दो दिन तक जारी रहती है तो कटी एवं खड़ी गेहूं कीं फसलों को बारिश से काफी छती पहुंच सकती है।

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