देश की जानी मानी सभी कंपनियों के पनीर, खोया, मक्खन, दुध व शुद्ध देसी घी में मिलावट

नई दिल्ली/अरविंद कुमारः हमारे देश की सभी जानी मानी दुध मक्खन व देशी घी में मिलावट बनाने वाली कंपनियों के प्रोड्क्ट में मिलावट हो रही है। लगभग 400 सौ रूपये से 440 रूपये तक देसी घी मिल जाता है। कोई 700 रूपये में बेच रहा है। दुध 51 रूपये से 60 रूपये लीटर बिक रहा है। सब केमिकल वाला प्रोडक्ट है। जिसमें हानिकारक केमिकल मिला हुआ है। असली घी 1200 रूपये किलो मिल रहा है। लेकिन कभी-कभी पूरे भारत में 10, 20 या 50 किलो वह भी यदा कदा ही मिल पाता है। 1500 रूपये वाला भी असली घी मिल रहा है। लेकिन आर्डर पर आता है तथा यह कहकर बेचा जाता है कि यह भी असली नहीं है क्रीम से निकाला गया है। 2200 वाला असली घी भी मिल रहा है। लेकिन लगभग 1 महीने के बाद वो भी 2 किलो से 5 किलो आर्डर देने तथा एडवांस पैसा जमा करवाने पर मिलता है। देखकर या सुंघकर पता ही नहीं चलता है कि कौन सा असली है। लेकिन जहां 2200 वाला असली बताया जा रहा है तो 400-440 वाला कैसे असली हो सकता है। जिसके पास 250 से 500 गाय है वो भी असली घी 1200 से 2200 प्रति किलो नहीं बेच पा रहा है। ऐसी स्थिति में ये सारी नामी गिरामी कंपनियां लाखों करोड़ों लीटर दुध, घी, मक्खन तथा पनीर कैसे बेच पा रहीं है? जबकि इनके पास कोई गाय नहीं है। अचरज की बात तो यह है कि इन सभी कंपनियों के पास बिल नहीं होते है। एक प्रतिशत लोग ही बिल वाले है। लेकिन मांगने पर वो भी बिल नहीं दे पाते है। बहाने बना देते है। 60-70 रूपये लीटर असली दुध 100 से 50 लीटर ही मिल पाता है। मक्खन 1200 प्रति किलो चंद मात्रा में मिल पाता है। खोया 800 रूपये प्रति किलो चंद मात्रा में मिल पाता है। अतः देखा जाए तो 99 प्रतिशत सभी कंपनियों के दुध, घी, मक्खन, पनीर सब का सब नकली यानी केमिकल वाला प्रोड्क्ट है। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पूरे भारत में करोड़ो लीटर ये दुग्ध प्रोड्क्ट बिक रहे हैं। जनता मजबूर होकर ये हानिकारक प्रोड्क्ट इस्तेमाल कर रहे है। सरकार को इससे अरबो-खरबों के राजस्व की हानि हो रही है। अतः हमारी माननीय प्रधानमंत्री जी से विनम्र निवेदन है कि तत्काल प्रभाव से जांच एजेन्सियों द्वारा छापेमारी करवाकर इन सभी नकली दुग्ध से उत्पन्न पदार्थो की ब्रिक्री पर तत्काल रोक लगायी जायी, तथा बिना बिल के कोई भी प्रोड्क्ट न बिक पाए। इसके लिए कड़ी से कड़ी कार्यवाही करवाने की कृपा की जाए। ताकि भारत वासियों को असली दुध, घी, मक्खन, पनीर व खोया प्राप्त हो सके तथा भारत सरकार को अरबों-खरबों रूपये की राजस्व की प्राप्ति हो सके।

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