नवजात शिशुओं के लिए केरला सर्वश्रेष्ठ राज्य- एनएफएचएस

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की 2015-16 की रिपोर्ट बताती है कि केरल में शिशु मृत्यु दर में काफी गिरावट आई है। इस मामले में केरला अमेरिका के बराबर सर्वश्रेष्ठ भारतीय राज्य बन गया है। आंकड़ों के मुताबिक अगर भारत में मात्र केरला से ही मृत्यु दर के आंकड़े में 6 अंक की गिरावट आती है तो एक साल में लगभग सात लाख से भी अधिक बच्चों को बचाया जा सकता है। बता दें एनएफएचएस की साल 2015-16 की इस की रिपोर्ट की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 6 लाख परिवारों से मिलने के बाद आयोजित की गई है। पहली बार जिला स्तर पर 7 लाख महिलाओं और 1.3 लाख पुरुषों को लेते हुए ऐसा अनुमान लगाया गया है। एनएफएचएस 3 और 4 की साल 2005-06 की रिपोर्ट में जीवित पैदा हुए प्रति एक हजार में से शिशु मृत्यु दर  57 से 41 रही। शिशु मृत्यु दर में पिछले एक दशक के दौरान लगभग सभी राज्यों में काफी गिरावट आई है। त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, अरुणांचलप्रदेश, राजस्थान और उड़ीसा में इसमें 20 से अधिक प्रतिशत अंक की गिरावट आई है। स्वास्थ्य सचिव सी कश्मीर मिश्रा ने बताया, ‘1992-93 में एनएफएचएस 1 की रिपोर्ट में जीवित पैदा हुए प्रति एक हजार में से शिशु मृत्यु दर 79 रही, वहीं एनएफएचएस-4 में जीवित पैदा हुए प्रति एक हजार में से शिशु मृत्यु दर 41 रही।’ स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो काम और योजनाएं चलाई जा रही हैं वो कारगर साबित हो रही है जैसा की सर्वेक्षण में देखने को मिल रहा है।

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