दुनिया की सबसे भारी महिला ने भारत आकर 12 दिन में 50 किलो कम किया वजन

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः दुनिया की सबसे भारी महिला इमान अहमद का केवल 12 दिनों में 50 किलो वजन कम हो गया है। मिस्र की रहने वाली इमान का इलाज मुंबई के सैफी अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल में इमान को 11 फरवरी को भर्ती कराया गया था। इमान पिछले 25 सालों से अपने फ्लैट से बाहर भी नहीं निकली थीं। इसके साथ ही दो साल से ऐसी स्थिति थी कि वे अपना शरीर को हिला भी नहीं पा रही थी। इमान केवल बिस्तर पर लेटकर छत के पंखे की ओर देखती रहती थी। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अब वह अपने शरीर को हिला सकती हैं। सैफी अस्पताल में हेड ऑफ एडवांस फिजियोथेरेपी डॉ. स्वाति संघवी ने बताया, ‘हम चाहते हैं कि वह मास मूवमेंट करे। पहले उन्होंने अपना हाथ उठाया, फिर बांह उठाई। उसके बाद उन्होंने अपनी मुट्ठी बंद की और किसी चीज को पकड़ा। अब वह किसी चीज के सहारा अपने आपको उठा भी सकती हैं।’ इमान की पहली सर्जरी करीब दो सप्ताह बाद होगी। डॉक्टरों का कहना है कि उनका पहला मकसद इमान की साइज कम करने का है, ताकि उन्हें ऑपरेशन थिएटर में ले जाया जा सके। अभी उनकी चौड़ाई एलिवेटर से ज्यादा है, ऐसे में उनके साइज को कम करने का काम किया जा रहा है। इमान को उच्च प्रोटिन और फाइबर की खुराक दी जा रही है, ताकि वे उनका वजन कम हो सके। डॉक्टरों का मकसद है कि साल 2017 के भीतर उनका वजन 200 किलो तक आ जाए। जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो उनका वजन करीब 500 किलो था। इमान को अभी हर रोज 1200 कैलोरी की डाइट दी जाती है। वे अभी 7.30 बजे उठती हैं और हर दो घंटे में उन्हें खाना खिलाया जाता है। पहले इमान तीन घंटे ही सोती थी, वहीं अब वे आठ घंटे की नींद लेती हैं। इमान के अभी दिन में दो सेशन फिजियोथेरेपी के होते हैं। डॉ. संघवी ने बताया, ‘हमने शुरुआत में 30 से 45 मिनट के फिजियोथेरेपी सेशन किए। लेकिन अब हमने समय बढ़ा दिया है। अब हमने फिजियोथेरेपी के सेशन की समय सीमा 90 मिनट कर दी।’ डॉक्टरों का कहना है कि अभी हम इमान को ज्यादा हिला-ढुला नहीं सकते क्योंकि वे पिछले कुछ सालों से बिल्कुल भी नहीं हिली हैं। इमान को स्पीच थेरेपी भी दी जा रही है, डॉक्टर्स उनसे बात करने के लिए ट्रांसलेशन के कई मोबाइल ऐप यूज कर रहे हैं। इनमें गूगल ट्रांसलेट ज्यादा यूज किया जा रहा है। एक सीनियर डॉक्टर ने बताया, ‘वह केवल अरबी भाषा बोल पाती है, ऐसे में उनकी छोटी बहन ही समझ पाती है। हम लोग गूगल ट्रांसलेट का इस्तेमाल कर रहे है जो हमारे निर्दशों को अंग्रेजी से अरबी भाषा में बदल देता है। इन निर्देशों को इमान सुनती है और फिर उन्हें फोलो करती है। यह तरीका अच्छे से काम कर रहा है। इसके जरिए वे हमें यह भी बताती है कि उन्हें किस से दर्द हो रहा है।’

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