गोंडा जिले ने 375 कि. मी. मानव श्रृखला बनाकर रचा इतिहास

गोंडा जिले ने 375 कि. मी. मानव श्रृखला बनाकर रचा इतिहास

गोंडा, उत्तरप्रदेश/श्याम बाबू कमलः वोटरों मे जागरूकता लाने व रिकार्ड मतदान का लक्ष्य निर्धारित करते हुए 16 फरवरी को जिले में 375 किलोमीटर मानव श्रृंखला बनाई गई। जिला प्रशासन द्वारा मानव श्रृंखला को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी तैयारियां पहले से ही पूरी कर लीं गई थी। मानव श्रृंखला शुरू होने के पूर्व श्रृंखला के रास्ते में कुल सत्रह जगहों पर मतदाता जागरूकता गुब्बारे छोड़े गये। इस व्यापक अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सुरक्षा के भी कड़े इन्तजाम रहे । सुरक्षा व्यवस्था हेतु चार पुलिस क्षेत्राधिकारी, 18 थाना प्रभारी, 41 डाॅयल100 वाहन तथा दो कम्पनी पी. ए. सी. की तैनाती की गई थी। इसके अतिरिक्त मानव श्रृंखला वाले क्षेत्र को 62 सेक्टर तथा 11 जोन में विभक्त किया गया साथ ही प्रत्येक किलोमीटर पर किलोमीटर प्रभारी तैनात रहे। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने मानव श्रृंखला के रास्ते में पड़ने वाली ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखकर मानव श्रृंखला को ऐतिहासिक बनाने की अपील की थी। इसके अतिरिक्त उन्होंने नागरिकों से अपील किया था कि वे जिले को गौरव प्रदान करने वाले इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनें तथा 16 फरवरी को ठीक 12 बजे ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर इस मानव श्रृंखला में शामिल होकर अपना नाम इतिहास में दर्ज कराएं। मानव श्रृंखला कर्नलगंज से परसपुर, बेलसर, तरबगंज, नवाबगंज, टिकरी, मनकापुर, दतौली चीनी मिल, धानेपुर, बाबागंज (श्रीनगर), इटियाथोक, खरगूपुर, गोकरन शिवाला, आर्यनगर, कौड़िया बाजार, रामापुर, कटरा बाजार होते हुए उद्गम स्थल तक मानव श्रृंखला का 225 किमी लम्बा आयाताकार घेरा बनाया गया। इसके अलावा गोंडा-बलरामपुर मार्ग तथा बहराइच-फैजाबाद मार्ग पर भी 75-75 किमी लम्बी मानव श्रृंखला बना जो बहराइच मार्ग पर घुचुआपुर से शुरू होकर आर्यनगर, ठढ़वरिया, गोंडा नगर, खोरहंसा, दर्जीकुआं, बालेश्वर गंज, वजीरगंज, नवाबगंज होते हुए कटरा शिवदयाल गंज तिराहे पर खत्म हुआ। जबकि लखनऊ मार्ग पर भंभुआ से शुरू होकर कर्नलगंज, चैरी चैराहा, बालपुर, गोंडा नगर, सुभागपुर, इटियाथोक होते हुए जयप्रभा ग्राम (महराजगंज) तिराहे पर समाप्त हुई। मानव श्रृंखला को मूर्त रूप देने के लिऐ सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूल, कालेजों के बच्चे अपने अभिभावकों के साथ 11 बजे तक खड़े होने के लिए अपने नियत किलोमीटर पर पहुंच गये थे। उपस्थित समूह द्वारा ठीक मध्यान्ह 12 बजे सायरन बजने के साथ ही एक दूसरे का हाथ पकड़कर श्रृंखला बनायी गयी जो पांच मिनट तक मतदान के लिए प्रेरित करने वाले नारे लगने के बाद कार्यक्रम समाप्त हो गया। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान को ऐतिहासिक बनाने के लिए इसकी सेटलाइट से फोटोग्राफी कराने तथा गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड से भी सम्पर्क किया गया है।

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