जल स्वावलम्बन योजना का लाभ रेवदर शहर के ऐतिहासिक तालाबो को भी मिलना चाहिए

सिरोही, राजस्थान/सतीश सक्सैनाः राजस्थान सरकार ने जल स्वावलम्बन योजना में करोड़ो अरबो रूपये पानी की तरह बहा दिए है लेकिन इसका कोई स्थाई समाधान नही निकल रहा है। सरकार की योजना बहुत काबिले-तारीफ है लेकिन स्थानीय स्तर पर जो ऐतिहासिक स्थल है उनको इस योजना से दरकिनार किया जा रहा है और जहा इनकी जरूरत नही है वहाँ पानी की तरह करोड़ो रूपये बहा कर अधिकारी और ठेकेदार अपनी जेबे गर्म कर रहे है। यदि समय रहते इन तालाबो का ध्यान सरकार और यहाँ के स्थानीय जनप्रतिनिधियो और जागरूक पत्रकारो ने अपनी और नही लाया तो भविष्य में इन तालाबो को बड़े बड़े भूमाफिया अपने कब्जे में ले लेंगे। सभी को ध्यान होगा की पूर्व के जनप्रतिनिधियो ने खुद के स्वार्थ और अपनी जेब भरने के लालच में कई जमीनों को अवैध रूप से बेचकर वहाँ आशियाने खडे करवा दिए है और वहां से करोड़ो की आय प्राप्त कर रहे है। जब जाकर इन तालाबो को ध्यान से देखा तो लगा आज वो रेवदर नही रहा जो बरसो से अपना एक ऐतिहासिक अस्तित्व रखता था। सार्वजनिक मेलो और अन्य धार्मिक आयोजनों में इन तालाबो का बहुत महत्व था लेकिन समय बीतता गया लोगो में कमाने की लालसा भी बढ़ती गयी और आज एक ऐसा समय है की यही तालाब जिसका एक वजूद था एक अहमियत थी और आज यही अपने नाम और अपनी सुंदरता को लेकर अपना वजूद ढूंढ रहा है। एक स्थानीय नागरिक होने के नाते मेने अपना मत प्रस्तुत किया और हर एक स्थानीय व्यक्ति को इन ऐतिहासिक स्थलो और उन तमाम जगहों को लेकर एक साथ एक मंच पर आवाज उठानी चाहिए। क्योंकि गांव सबका है और सब की जिम्मेदारी बनती है की हम जनप्रतिनिधियो को साथ में लेकर सरकार द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओ का लाभ इन ऐतिहासिक तालाबो को देकर इनकी सुंदरता में चार चाँद लगाए।

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