पाकिस्तानी अदालत का बड़ा फैसला- निजी चैनल दिखा सकते हैं भारतीय फिल्में

अंतर्राष्ट्रिय/नगर संवाददाताः पाकिस्तान की एक अदालत ने वैध लाइसेंसधारी निजी टेलीविजन चैनलों को देश के नियामक प्राधिकरण के साथ उनके समझौते की शर्तों के अनुरूप भारतीय फिल्में दिखाने की अनुमति दे दी है। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्यूलेट्री अथॉरिटी ने लाहौर उच्च न्यायालय के सामने रिपोर्ट पेश की थी जिसके मद्देनजर अदालत के मुख्य न्यायाधीश सैयद मंसूद अली शाह ने निजी टेलीविजन चैनलों को कल मंजूरी दे दी। लियो कम्युनिकेशन ने केबल टेलीविजन नेटवर्क पर भारतीय कार्यक्रम प्रसारित करने पर लगे प्रतिबंध को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी जिस पर अदालत ने अंतरिम आदेश पारित किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि टेलीविजन चैनलों को लाइसेंस एस्टैबलिश एंड ऑपरेट सैटेलाइट टीवी ब्रॉडकास्ट चैनल स्टेशन के उपबंध 7.2 (दो) के तहत भारतीय फिल्में प्रसारित करने की अनुमति होनी चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील तफ्फजुल रिजवी ने अदालत में दलील दी कि चैनलों को भारतीय नाटक प्रसारित करने की भी अनुमति होनी चाहिए क्योंकि वे भी पीईएमआरए के साथ हुए लाइसेंस समझौते के तहत ‘मनोरंजन’ की परिभाषा में शामिल हैं। गौरतलब है कि  पाकिस्तान ने अक्टूबर में अपने देश में भारतीय चैनलों के प्रसारण पर बैन लगा दिया था। यह फैसला पाकिस्तान की पाकिस्तान इलेक्ट्रानिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी ने लिया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उरी हमले के बाद से ही भारत में पाकिस्तानी कलाकारों का विरोध किया जा रहा है। जिससे नाराज होकर पाकिस्तान की ओर से यह निर्णय लिया गया। आपको बता दें कि भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को बैन किए जाने की मांग के बीच पाकिस्तान ने कई सिनेमाघरों ने बॉलीवुड फिल्मों की स्क्रीनिंग रोक दी थी।

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