दिल्ली पुलिस में जरूरत से ज्यादा लोग: हाई कोर्ट

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः दिल्ली हाई कोर्ट की एक पीठ ने जहां कानून और व्यवस्था को अपराध अनुंसधान से अलग करने के लिए दिल्ली पुलिस में कर्मियों की संख्या में वृद्धि की बात की है तो एक अन्य पीठ ने कहा कि शहर की पुलिस में ‘आवश्यकता से अधिक’ कर्मी हैं। हाई कोर्ट ने कहा, ‘आपके यहां जरूरत से अधिक कर्मचारी हैं। हर जिप्सी में तीन से चार अधिकारी होते हैं। वे सभी अपने निजी वाहन चलाते हैं, ऐसे में उनको चालक की जरूरत क्यों है। एक चालक ही सबकुछ करने में सक्षम है।’ न्यायालय ने कहा, ‘जरूरत पड़ने पर और लोगों को बुलाया जा सकता है। आप किसी जिप्सी के बगल से गुजरते हैं तो देखते हैं कि उसमें क्या होता है।’ गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने कहा था कि खास तौर पर बाल कल्याण के लिए एक अधिकारी तैनात करने से पहले उन्हें और लोगों की जरूरत पड़ेगी। लापता बच्चों को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति जी एस सिस्तानी और न्यायमूर्ति जयंत मेहता की पीठ ने यह बात कही। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने इस तरह के प्रत्येक मामले में प्रयुक्त मानक संचालन प्रक्रियाओं :एसओपी: को आज केंद्र सरकार के समक्ष रखा। केंद्र सरकार के वकील अनिल सोनी द्वारा प्रस्तुत एसओपी का संज्ञान में लेते हुए अदालत ने कहा कि ‘हम रुपये, समय खर्च करते हुए प्रयास कर रहे हैं, इसके बावजूद हमें इच्छित परिणाम नहीं मिल पा रहा है’ क्योंकि बहुत ही कम मामलों में लापता बच्चों का पता लग पाता है।

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