सबूतों के अभाव में बरी हुए 26 मुस्लिम आरोपी

गांधीनगर, गुजरात/नगर संवाददाताः गांधीनगर की जिला अदालत ने गुजरात दंगों के सिलसिले में 26 मुस्लिम आरोपियों को बरी कर दिया। ये सभी गोधरा दंगे के हुई हिंसा में आरोपी थे। इन पर ट्रेन में आग लगाने, दंगे फैलाने और सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप थे। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने आदेश में कहा कि अपराध के दृश्य का पंचनामा साबित नहीं हो रहा है। बरी किए गए ज्यादातर लोग पलियाड गाँव के हैं। इस मामले में तमाम गवाह पुलिस रिकॉर्ड से पलट गए। उन्होंने आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया। इन गवाहों ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने खुद ही आरोपियों के नाम लिख लिए और गांव के नेताओं की मौजूदगी में समझौता हो गया। डिफेंस लॉयर ने कहा था कि पुलिस ने कई आरोपियों को गवाह के तौर पर पेश किया है। गोधरा दंगे के बाद हुई इस हिंसा में लगभग 5 लाख की सम्पत्ति का नुकसान हुआ था। कोर्ट का कहना है कि इस मामले की जाँच में लापरवाही की गई है। मामले की जाँच कर रहे अधिकारी ने ये बात कबूल की है। मामला पुराना होने की वजह से कई बार जाँच अधिकारी बदले गए या उनकी मौत हो गई। कई गवाह भी बदल गए या गाँव छोड़ चुके हैं। कहा जा रहा है कि इस मामले में 31 जनवरी को समझौता हुआ है जिसके दस्तावेजों को ध्यान में रखते हुए जज ने आरोपियों को बरी कर दिया।

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