जल्ली कट्टू के लिए तमिलनाडु पेटा पर लगा सकता है बैन

जल्ली कट्टू के लिए तमिलनाडु पेटा पर लगा सकता है बैन

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः सुप्रीम कोर्ट ने पोंगल के वक्त खेले जाने वाले खेल जल्‍लीकट्टू पर रोक लगा दी है। पशुओं के अधिकारों की रक्षा वाली संस्थाओं ने इस खेल को जानवरों के साथ क्रूरता और उनके लिए हानिकारक बताया है। वहीं लोगों ने पशुओं के अधिकारों की रक्षा करने वाले इन संस्थाओं पर ही रोक लगाने की बात कर दी। जल्ली कट्टू के समर्थन में लोगों नें पशु अधिकारों से जुड़ी संस्था पेटा पर ही प्रतिबंध लगाने की मांग की है। गौरतलब है कि जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगाने में पेटा का अहम रोल देखा जा रहा है। इस संस्था का आरोप है कि इस खेल के लिए सांडों को नशीले पदार्थ दिए जाते हैं और कभी कभी उनके चेहरे पर मिर्च भी डाली जाती है ताकि वह मैदान पर आक्रमक हो सकें। वहीं तमिलनाडु की जनता इसे अपने संस्कृति का एक अहम हिस्सा बताते हुए प्रतिबंध को वापस लेने की मांग कर रही है। जल्ली कट्टू पर लगे प्रतिबंध को हटाने में नामचीन हस्तियां भी शामिल हैं। कुछ दिन पहले अभिनेता कमल हासन और रजनीकांत ने इस खेल का समर्थन करते हुए कहा था कि सांड़ों की लड़ाई का यह खेल तमिल संस्कृति का हिस्सा है। रजनीकांत ने कहा था कि ‘चोट से बचने के लिए खेल के नियमन को लेकर नियम बनाए जा सकते हैं लेकिन क्या किसी संस्कृति को अस्वीकार करना सही है?’ इस मामले को लेकर राज्य के सीएम ओ पन्नीरसेल्वम ने गुरुवार को ही पीएम मोदी से मुलाकात की है। पीएम ने कहा है कि क्योंकि मामला अदालत में है इसलिए वह दख़ल नहीं दे सकते लेकिन अध्यादेश के मामले में वह राज्य सरकार के साथ हैं। तमिलनाडु सरकार अब पशु अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था पेटा पर बैन लगाने के लिए कानूनी रास्ते तलाश रही है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि खेल से बैन हटाया जाए और पेटा पर लगाया जाए। पेटा ने साफ किया है कि जल्लीकट्टू पर आने वाले अध्यादेश को वह कानूनी चुनौती देंगे। पोंगल के वक्त खेले जाने वाले इस खेल को पशु अधिकार से जुड़े कार्यकर्ताओं की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में बैन लगा दिया था। बाद में तमिलनाडु सरकार ने याचिका दायर की थी जिसमें फैसले की समीक्षा की बात कही गई थी लेकिन कोर्ट ने उसे भी अस्वीकार कर दिया था। यही नहीं पिछले साल केंद्र सरकार ने इस बाबत एक अधिसूचना जारी की थी जिस पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में जल्लीकट्टू मामले पर सुनवाई पूरी हो चकी है और फैसला जल्दी ही सुनाया जाएगा। गौरतलब है कि मंगलवार से चेन्नई के मरीना बीच पर जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध हटाने की मांग को लेकर हजारों प्रदर्शनकारियों ने धरना दे रखा है।

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