अलवर में 357 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास

अलवर, राजस्थान/दिनेश लुनियाः मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि आजादी के बाद अब तक जो विकास नहीं हो पाया था, वो हमारी सरकार ने पिछले तीन साल में करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान तीन साल में विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद आज अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। राजे राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को अलवर में करीब 357 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद जनसभा को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि तीन सालों में कई बड़ी चुनौतियों के बावजूद हमने विकास के कीर्तिमान कायम किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज करने नहीं सेवा करने के भाव से आए हैं। आपके प्यार और आशीर्वाद ने हमें प्रदेश का विकास करने का जज्बा दिया है और हम आपकी उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार करीब 2 लाख 65 हजार करोड़ रुपये का कर्जा छोड़कर गई। इसमें 80 हजार करोड़ रुपए का कर्जा केवल बिजली कम्पनियों पर था। इस कर्जे के बावजूद विकास के लिए पैसे की कमी का बहाना नहीं बनाया। राजे ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह पहली सरकार है, जो अपने काम का रिपोर्ट कार्ड हर जिले में जाकर दे रही है। उन्होंने कहा कि यूं तो विकास के लिए 3 साल की अवधि बहुत कम होती है, लेकिन हमने इतने कम समय में भी प्रदेश का समग्र रूप से विकास करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हमारे सुराज संकल्प पत्र में पांच वर्ष में 20 हजार किमी नई सड़क बनाने का वादा किया था, लेकिन हमने 3 वर्ष में ही 21 हजार किमी सड़कें बना दी है। हम 5 साल में 32 हजार किमी सड़क बनाने का लक्ष्य पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सड़कों के विकास में पिछले तीन वर्ष में कुल 12 हजार 509 करोड़ रुपये खर्च किए जबकि गत सरकार ने अपने तीन वर्षां में मात्र 6 हजार 108 करोड़ रुपये खर्च किए थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 25 हजार राशन की दुकानों पर आज पोस मशीनों के माध्यम से पारदर्शितापूर्वक राशन वितरण किया जा रहा है। साथ ही, अन्नपूर्णा भण्डारों पर 10 से 12 प्रतिशत कम दामों पर वस्तुएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दूरगामी सोच और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए। जिसका नतीजा है कि आज सरकारी स्कूलों में 13 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 9 हजार 895 आदर्श विद्यालय स्थापित किए जा रहे है। अलवर में अब तक 301 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में स्थापित किया गया है। वर्ष 2017-18 में अलवर जिले में 211 विद्यालय और इस श्रेणी में शामिल हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से स्कूली शिक्षा का परिणाम भी सुधरा है। राजे ने कहा कि अलवर का विकास हमारी प्राथमिकता है, पिछले तीन सालों में जिले के विकास पर कुल 5 हजार 277 करोड़ रूपए व्यय किए है। अलवर में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तहत करीब 1247 करोड़ रुपए के विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं और कुछ प्रगति पर हैं। इन कार्यां के पूर्ण होने से जिले के विभिन्न इलाकों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इसी प्रकार करीब 723 करोड़ रुपए से जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास किया जा रहा है। अमृत योजना के तहत जिले में 427 करोड़ रुपए के कार्य किए जा रहे हैं। करीब 267 करोड़ रुपए जिले में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत विद्युतीकरण पर खर्च किए जा रहे हैं। करीब 127 करोड़ रुपए के विकास कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग के तहत सम्पन्न हुए हैं। करीब 115 करोड़ रुपए की लागत से ग्रामीण गौरव पथ एवं 63 करोड़ रुपए की लागत से मिसिंग लिंक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम के माध्यम से 204 करोड़ रुपए के कार्य किए गए हैं। राजीव आवास योजना के तहत 114 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति पर हैं। वहीं मनरेगा में करीब 167 करोड़ रुपए के कार्य हुए हैं। इनके अलावा अलवर जिले में बड़ी संख्या में विकास कार्य प्रगति पर हैं जो यहां की तस्वीर बदल रहे हैं। राजे ने राज्य सरकार की 3 साल की उपलब्धियों पर आधारित जिला स्तरीय प्रदर्शनी, सेना की ओर से लगाई गई शस्त्र प्रदर्शनी, रोजगार मेला, कैंसर जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर का शुभारम्भ कर अवलोकन किया। उन्होंने इस अवसर पर सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित की और जिले की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में राजे को मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के द्वितीय चरण के लिए भिवाड़ी मैन्यूफेक्चरर्स की ओर से 10 लाख, ओरियंट अबेसिव्स भिवाड़ी की ओर से 7 लाख, ओरियंट सिंटेक्स भिवाड़ी की ओर से 5 लाख तथा केईआई इण्डस्ट्रीज की ओर से 2.51 लाख रुपए (कुल 24.51 लाख) के चैक भेंट किए गए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जेम्स एज्यूकेशन ग्रुप और राज्य सरकार के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अन्तर्गत जेम्स एज्यूकेशन प्रदेश में डाइट, एसआईईआरटी एवं राधाकृष्णन लाईब्रेरी 50-50 आदर्श एवं उत्कृष्ट विद्यालयों को गोद लेंगे। साथ ही, जेम्स स्किल्स मार्च, 2017 तक राजकीय आईटीआई के एक हजार से अधिक छात्रों को एडवान्स डिजीटल लिटरेसी एवं उद्यमिता कौशल का प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी। जेम्स ग्रुप अन्तर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट के लिए छात्रों के क्षमता संवर्द्धन एवं उन्हें व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने पर भी काम करेगा। यह समूह आईटी-आईटीईएस, रिटेल, पर्यटन, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैकिंग एण्ड फाइनेंस एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी आरएसएलडीसी के साथ मिलकर कौशल विकास के लिए काम करेगा।

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