राजदेव हत्याकांड : आरोपियों को मुजफ्फरपुर जेल में कराया गया शिफ्ट

सीवान, बिहार/अमित कुमारः पत्रकार हत्याकांड में अपनी जांच तेज करते हुए CBI ने एक बार फिर से राजदेव रंजन की हत्या के सभी आरोपियों को मुजफ्फरपुर जेल में शिफ्ट करवाया है। सीबीआइ की मांग पर ही सोमवार की दोपहर पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या करने वाले सारे आरोपियों को एक साथ मुजफ्फरपुर जेल में कड़ी सुरक्षा के बीच शिफ्ट किया। दोपहर बाद उन्हें विशेष सुरक्षा में मंडल कारा जेलर के देखरेख में मुजफ्फरपुर भेजा गया। मुजफ्फरपुर जाने वालों में राजेश, रोहित, विजय, सोनू, रिशू और राकेश कुमार शामिल हैं। वहीं मुजफ्फरपुर जेल में पहले से ही जावेद भांट को CBI सिवान जेल से पूछताछ और मामले की जल्द अनुसंधान के लिए शिफ्ट करवा चुकी है। एक साथ सभी आरोपियों को मुजफ्फरपुर में शिफ्ट करने से यह बात साफ हो चुका है कि सीबीआई इस मामले को जल्द से जल्द अनुसंधान के क्रम में लाकर मामले के उद्धभेदन में लग गई है। हालांकि सीबीआइ द्वारा सभी आरोपियों को मुजफ्फरपुर शिफ्ट कराने की किसी भी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पत्रकार हत्याकांड में कैफ को छोड़कर सभी आरोपियों को मुजफ्फरपुर शिफ्ट कराए जाने के पीछे यही कारण है। बताते चलें कि इससे पहले सीबीआई ने मामले में अप्राथमिक अभियुक्त बनाए गए मो. कैफ उर्फ बंटी को भी मुजफ्फरपुर शिफ्ट कराने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था। लेकिन बंटी के वकील ने अन्य मामले में सुनवाई का हवाला देते हुए कैफ को सिवान जेल में ही रहने की अनुमति मांगी थी। जिस कारण कैफ अभी सिवान जेल में ही बंद है। जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी लड्डन भी दूसरे जेल में पहले से ही शिफ्ट हो चुका है। सिवान मंडल कारा पिछले एक महीने से लगातार चर्चा में है। पिछले महीने बंदी की मौत जेल में होने के मामले के बाद बंदियों द्वारा जेल में अनशन और उसके बाद एक साथ 14 बंदियों को भागलपुर शिफ्ट कर देने का मामला सामने आया था। वहीं इसके कुछ दिन बाद जेल में रूटीन छापेमारी के दौरान बंदियों के पास से 4 मोबाइल, सिम कार्ड बरामद होने का मामला भी सामने आया। यह मामला अभी आए एक दिन ही हुआ था कि एक बार फिर से सोशल मीडिया पर पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की तस्वीर वायरल हो गई। इसके बाद लगातार जेल के हर वार्ड की छापेमारी हुई। ऐसे में सोमवार को एक बार फिर से छह बंदियों को मुजफ्फरपुर शिफ्ट करने से लोगों के बीच काफी चर्चा है। एक के बाद एक बंदियों के दूसरे जिलों के जेलों में शिफ्ट करने से जेल प्रशासन पर भी लोग अब शंका जाहिर करने लगे हैं।

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