सिक्को का अनोखा संग्रहालय

सिक्को का अनोखा संग्रहालय

जोधपुर, राजस्थान/आकाशः सिक्के संजो कर रखना इनका पेशा नहीं है पर इनका सिक्को से दिवेश को इसकदर प्रेम है जो पूरी दुनिया के सिक्के इनके पास है हर देश के सिक्के इनके पास है बचपन से दादा दादी नाना नानी से जो सिक्को के रूप में जेब खर्ची मिलती दिवेश उसे अपने पास रख लेते आज दिवेश के पास देश विदेश के 400 सिक्के है। अलग अलग और दिवेश को उनसे अलग ही लगाव है उन्होंने बताया कि पहचान इन सिक्को से पूरे विश्व भर में होनी चाहिए जब सिक्के लुप्त हो या इन सिक्कों से जुडी कोई जानकारी जुटानी हो तो दिवेश के ये सिक्के किसी के काम आ सके दिवेश के पास भारतीय संस्कृति को दर्शाने वाले सिक्के नेपाल और बैंकाक के प्राचीन बौद्ध संस्कृति को दर्शाने वाले सिक्के दिवेश के पिता जोतिषाचार्य है। वास्तु के हिसाब से बौद्ध सिक्को को मूल्यवान भी माना जाता है उनका कहना है पर दिवेश बताते है कि लगभग 200 तरह के और सिक्के एकत्र करने है फिर विश्व भर के पुराने और नए सिक्के का अनोखा संग्रह पूर्ण हो जायेगा दिवेश के घर पर पर्यटकों का आये दिन जमावड़ा रहता है।

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