मूर्ति प्रकरण सुलझाने में पुलिस के फूले हाथ पैर

फतेहपुर, उत्तर प्रदेश/महेशः कोतवाली क्षेत्र के ईंटगांव में मिट्टी खुदाई के दौरान निकली गणेश जी की मूर्ति को ग्रामीणों ने विवादित जगह पर रखकर पूजा-अर्चना शुरु कर दी। जिसकी सूचना कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को दी तो खागा एसडीएम अविनाश राय, सीओ अतुल कुमार चौबे, कोतवाली प्रभारी एयू सिद्दीकी मय फोर्स गांव पहुंच गए। ईंटगांव में ग्राम प्रधान द्वारा विगत कई दिनों से खड़ंजा मरम्मत करा रहे हैं। बीते शुक्रवार शाम गांव के अंदर एक टीले का कुछ हिस्सा खड़ंजा लगवाने के लिए खोदा गया। खोदाई के दौरान टीले में पत्थर के दो बड़े टुकड़े तथा गणेश जी की एक मूर्ति मिली। जमीन में मूर्ति मिलने की बात से मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुडऩे लगी। ग्रामीणों ने टीले में एक अस्थाई चबूतरा बनाकर मूर्ति वहीं स्थापित करके पूजा-पाठ शुरु कर दिया। कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना देते हुए बताया कि जहां मूर्ति स्थापना के बाद पूजा-पाठ किया जा रहा है। ग्राम सभा का वह भूखंड मोहर्रम में ताजिया रखने में प्रयोग होता है। मामला दो वर्गों से जुड़ा होने की वजह से प्रशासन आनन-फानन हरकत में आया। पुलिस के गांव पहुंचते ही सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। जिससे प्रशासन को अन्य थानों कि फोर्स भी बुलानी पड़ी। और प्रशासनिक अधिकारी मूर्ति को वहां से हटवाने में जुट गए जबकि ग्रामीण मूर्ति को गांव में ही किसी मंदिर में रखने की मांग कर रहे थे। घंटों चली कसमस के बाद पुलिस पूर्व प्रधान व एक बीडीसी सदस्य को मूर्ति के साथ कोतवाली ले आई। कोतवाली पुलिस ने कोतवाली परिसर में स्थित मंदिर में गणेश जी की मूर्ति रखवा दी। जानकारी मिलते ही खागा विधायक कृष्णा पासवान मूर्ति लेने खागा कोतवाली पहुंच गयीं जहां प्रशासन से नोकझोक हो गयीं। विधायक का कहना हैं कि मूर्ति गांव के ही किसी मन्दिर मे रखनी चाहिए। विधायक ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुये कहा कि पुलिस सत्ता पक्ष के इशारों पर काम कर रही हैं जबकि गांव के लोगों कि मांग थी कि मूर्ति गांव के ही किसी मन्दिर मे रखी जाये। आरोप लगाते हुये विधायक ने कहा कि पुलिस गांव के लोगों को मुकदमे का डर दिखा कर मूर्ति थाने ले आयी हैं । जबकि पुलिस का कहना है कि विवाद को मद्देनजर रखते हुये मूर्ति को कोतवाली स्थित मन्दिर पर रखा गया हैं।

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