कारावास में आजीवन बंदी का जनहित कार्य

पूर्वी सिंघभूम, झारखंड़/हेमन्त कुमारः जेल मे बडे-बडे अपराधी अपने गिरोह बढाने के लिए छोटे छोटे अपराधियो को अपने गिरोह मे शामिल करवाते है। परन्तु एक ऐसा भी सजावार बंदी है जो अपराधियो को समाज की मुख्य धारा मे लाने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। घाघीडीह जेल जमशेदपुर में बंद आजीवन सजावार बंदी कुणाल जेना जिन्होंने अपराधियो को अपराध त्याग करके मेहनत मजदूरी कर समाज मे अच्छे इंसान बनने का पाठ पढा रहे है इस अभियान को सफल करने के लिए जेल में निम्नलिखित कदम उठाये है- जेल मे बंदीयो को शिक्षा के प्रति जागरूक करके लगभग दो सौ पचास निरक्षर बंदीयो को साक्षर किया और करा रहे है, अर्धशिक्षित बंदीयो को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर मैट्रिक इंटर की परीक्षा दिलवा रहे है एंव कम्प्यूटर शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे है, बंदीयो का शारीरिक एंव मानसिक विकार दूर करने के लिए योग एंव मेडिटेशन की शिक्षा दे रहे है, अपराधियो को अपराध त्याग कर समाज मे एक अच्छा नागरिक बन कर जीवन यापन करने एंव मेहनत मजदूरी करके आजीविका अर्जन करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे है। इससे प्रभावित होकर दो सौ आठ बंदी सामूहिक रूप से अपराध त्याग करने का शपथ लिए जिससे बहुत से बंदी अपराध को अलविदा कर चुके है और दुबारा जेल नही आये है, इन्होंने मा. मुख्यमंत्री को एक सुझाव पत्र दिया किस तरह झारखंड से अपराध कम होगा एंव जेल में अपराधी कौशल शिक्षा ग्रहण करके अपना एंव झारखंड को विकास मे भूमिका निभायेगे। इनका विश्वास है अगर झारखंड सरकार इनका सुझाव पर पहल करे तो झारखंड से अपराध कम होने के साथ-साथ राज्य का भी भला होगा।

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