चुनाव से पहले प्रियंका को मिल सकती है यूपी कांग्रेस की कमान

आगरा, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः यूपी में आने वाले चुनावों में सब कुछ सही रहा तो प्रियंका गांधी बड़ी भूमिका में नजर आएंगी जिसमें वह यूपी में नौजवानों और महिलाओं को लुभाती नजर आएंगी। कांग्रेसी जानकारों के मुताबिक कांग्रेस की कमान यू.पी. में पूरी तरह राहुल गांधी के साथ-साथ प्रियंका के हाथ सौंपने की मंशा के पीछे पार्टी की मान्यता यह है कि कांग्रेस को इससे बहुत बड़ा फायदा होगा। सबसे पहली बात तो युवा मतदाता, जो कि पिछले एक दशक में पार्टी से दूर हो चुका है, वह कांग्रेस से फिर से जुड़ेगा। माना जा रहा है कि प्रियंका के पार्टी में पद पर आने से महिलाओं को जोड़ने का जो काम सोनिया गांधी अब तक नहीं कर सकीं, वह काम बहुत आसानी से हो सकता है। प्रियंका की युवा वर्ग में तो अपील है ही, महिलाएं भी बड़ी संख्या में उन्हें पसंद करती हैं, जो कि कांग्रेस से फिर से जुड़ेंगी। वरिष्ठ राजनीतिज्ञों के मुताबिक इंदिरा गांधी के बाद महिलाओं को अपने से जोड़ने के काम में कांग्रेस कभी बहुत सफल नहीं रही लेकिन यह काम प्रियंका के जरिए आसानी से हो सकता है, क्योंकि देश की जनता उनमें इंदिरा गांधी की छवि देखती है। पार्टी का एक धड़ा मानता है कि राहुल गांधी को अभी भी नेतृत्व की अपनी योग्यता को साबित करना बाकी है। मगर प्रियंका गांधी के पार्टी में पद पर आने के बाद यह काम आसानी से हो सकता है, क्योंकि तब राहुल गांधी अकेले नहीं होंगे। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो प्रियंका गांधी को पार्टी का महासचिव नियुक्त किए जाने के बारे में फैसला लगभग हो चुका है। दिल्ली के 10 जनपथ की दीवारों के दायरों का हाल जानने वाले एक वरिष्ठ नेता की राय में देश के वर्तमान राजनीतिक हालात में कांग्रेस की हालत देखकर खुद प्रियंका गांधी भी पार्टी में अपनी नई भूमिका के लिए मन बना चुकी हैं। वैसे इससे पहले भी प्रियंका को कांग्रेस संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देने की पेशकश 3 बार की गई थी लेकिन हर बार वे इसे टालती रहीं और राजनीतिक रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रियंका गांधी सोनिया गांधी के चुनाव क्षेत्र रायबरेली और राहुल गांधी की संसदीय सीट अमेठी तक ही खुद को सीमित रखे हुए रहीं। मगर हाल ही में पंजाब और यू.पी. चुनाव में प्रचार के लिए प्रियंका के जिम्मेदारी लेने की हामी भरते ही कांग्रेस को लगा कि उन्हें पार्टी में पद पर आने का फिर से प्रस्ताव दिया जाना चाहिए। बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में प्रियंका को भी लगने लगा है कि उनको कोई तो फैसला लेना ही पड़ेगा। इसीलिए उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और फिर गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें कोई फैसला लेना ही होगा।

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