कोल्हापुर शहर में क्रिसमस सेलेब्रेशन की धूम

कोल्हापुर, महाराष्ट्र/संगप्पाः शहर में रविवार को क्रिसमस श्रद्धा, उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। प्रभु यीशु के आगमन पर शनिवार की देर रात तक चर्चों में ‘मेरा प्रभु जन्मा, प्यारा प्रभु जन्मा’ गूंजता रहा, वहीं सुबह होते ही ईसाई समुदाय के लोग फिर चर्चों में पहुंच गए और प्रार्थना कर प्रभु यीशु के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। सुबह की प्रार्थना व आशीर्वाद के बाद पूरे दिन उल्लास का वातावरण बना रहा। सभी ने एक-दूसरे से गले मिलकर क्रिसमस की बधाई दी। चर्चों में मेले सा माहौल रहा। चर्चों में रविवार को सबेरे से ही लोगों का सपरिवार आने का सिलसिला शुरू हो गया। तय समय के अनुसार सभी ने पहले मोमबत्तियां जलाईं और फिर प्रार्थना कर प्रभु यीशु का आशीष लिया। इसके बाद शुरू हुआ खुशियों को साझा करने का दौर। घरों में महिलाएं स्वादिष्ट केक, डोनट, गुझिया समेत कई लजीज व्यंजन बनाकर मेहमानों के स्वागत में व्यस्त दिखीं तो युवा वर्ग झुंड बनाकर एक-दूसरे के घर-घर घूमा और शुभकामनाएं दीं। मेमोरियल चर्च में सुबह पादरी सीबी चन आदि ने सामूहिक प्रार्थना सभा की और सभी को बधाई देते हुए सुख व समृद्धि की कामना की। वायल्डर मेमोरियल चर्च, ख्राइस्ट चर्च, सेंट फ्रान्सिस चर्च, ऑल सेंट चर्च, झेवियर्स चर्च में विशेष प्रार्थना का आयोजन हुआ। । न्यूशाहुपुरी चर्च में सुबह नौ बजे से ही मसीही समुदाय के लोगों का प्रार्थना के लिए आना शुरू हुआ जो दोपहर तक चलता रहा। वायल्डर मेमोरियल चर्च में विशेष प्रार्थना सभा में रेव्ह.जे. ए. हिरवे ने प्रभु के बताए सत्य, शांति, अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। युवाओं और बच्चों ने खिंचवाई सेल्फी आकर्षक ढंग से सजे चर्चों पर प्रार्थना के बाद युवा और बच्चे सेल्फी खिंचवाने को लेकर उत्साहित दिखे। कोई सेंटा क्लाज के पास तो कोई मदर मैरी के साथ अपनी फोटो खींचने में जुटा था। कोई इन खूबसूरत नजारों को अपने दोस्तों के साथ कैद करने में व्यस्त दिखा। शनिवार आधी रात से ही व्हाट्स एप एवं फेसबुक आदि से क्रिसमस की बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। रविवार को पूरे दिन यह सिलसिला चलता रहा। उपहार देने-लेने का दौर भी खूब चला। लोगों ने ग्रीटिंग व फूल के साथ उपहार देकर अपने शुभचिंतकों एवं मित्रों को मेरी क्रिसमस कहा। इसे लेकर उपहार की दुकानों में भीड़ देखी गई। ईसाई समुदाय के मोहल्लों में बुधवार को मेले सा माहौल रहा। झुंड बनाकर लोग एक-दूसरे के घर जाकर लजीज व्यंजनों का आनंद ले रहे थे। जगह-जगह बिक रहे रंग-बिरंगे गुब्बारे त्योहार में रंग भर रहे थे। कई बड़े चर्चों के पास व घरों पर बच्चों को सेंटा क्लाज का इंतजार था। सदर बाजार, विचारे माळ, न्यू शाहुपुरी बस्ती के बीच जब सेंटा क्लाज आया तो बच्चों के चेहरे चमक उठे। सेंटा क्लाज ने बच्चों में चाकलेट, टाफियां व अन्य उपहार बांटे।

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