देवी माँ की भक्ति ही परम शांति का दिव्य मार्ग : साध्वी अदिति भारती

नई दिल्ली/अरविंद कुमार यादवः दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा रामलीला मैदान, पीतमपुरा में देवी भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी अदिति भारती जी ने सात दिवसीय देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभ आरम्भ किया। जिसमें श्रीमद देवी भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि देवी की महिमा से ओतप्रोत यह ग्रन्थ अशक्त और अज्ञानता के अंधकार में डूबे मानव समाज को सशक्त व प्रकाशित करने का श्रेष्ठ साधन है। यह एक विशिष्ट मनोवैज्ञानिक व अध्यात्मिक कृति है। जिसके भीतर मानव जीवन से जुड़े हर एक पक्ष का वर्णन माँ के सरस लीला चरित्रों के माध्यम से किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा की आज हम एक कथा का प्रारंभ नहीं अपितु जीवन की उत्कर्ष यात्रा का प्रारंभ कर रहे हैं और माँ के विविध लीला चरित्र इस उत्कर्ष यात्रा के ही अलग अलग पड़ाव हैं। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित इस कथा में देवी महात्म्य के साथ साथ मधु कैटभ वध व् शुकदेव जन्म की गाथा का भी वर्णन किया। कथा के गूढ़ रहस्य को उजागर करते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि आज मानव की सबसे बड़ी खोज है शांति को प्राप्त करना, प्रत्येक मानव शांति और सुख की तलाश में संसार में दौड़ रहा है परन्तु उसके हाथ केवलमात्र दुःख ही लगता है। साध्वी जी ने कहा कि यदि शुकदेव मुनि जी की जीवन शैली से प्रेरणा ली जाए तो यही सार मिलता है कि शांति का राजमार्ग न ही इस संसार के त्याग में है और न ही इस संसार के विषय भोगों में लिप्त होने में। राजा जनक और शुकदेव मुनि जी के संवाद को उठाते हुए उन्होंने बताया की, मन को माँ भगवती की शाश्वत भक्ति में लगा कर ही मनुष्य इस संसार में रहते हुए भी विदेह अर्थात जीवनमुक्त हो सकता है। शांति का राजमार्ग यदि इस संसार में कोई है तो वह है ईश्वर की भक्ति। भक्ति शास्त्र ग्रंथों का पठन पाठन नहीं अपितु उसका देवी माँ के साक्षात् स्वरुप का अपने भीतर दर्शन कर लेना ही वास्तविक भक्ति का प्रारंभ है। ईश्वर को देख लेने के बाद ही मानव सही दिशा की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा प्राप्त करता है, आत्मा परमात्मा से एकाकार हो जाती है। आदर्श समाज को प्रत्येक इकाई, प्रत्येक इंसान को पक्का होना अर्थात पूर्ण रूप से विकसित होना अति आवश्यक है!

Share This Post

Post Comment