मैजर देवी सिंह ने कालाबजारी को समझाया उदाहरण के तौर पर

जयपुर, राजस्थान/विकास शर्माः मैजर देवी सिंह ने बताया की किस तरह ब्लेक कालाबजारी होती हैं। एक पेट्रोल पम्प प्रतिदिन 5 लाख का भी पेट्रोल भरता है, और उसमें से एक लाख रुपये भी, यदि 100 या उससे छोटे नोट हैं, जो कि प्रचलन में है, तो वह उन्हें बैंक में जमा नहीं करवाते, न ही ग्राहकों को वापस करते हैं। वे इस एक लाख के बदले सवा लाख या डेढ़ लाख का काला धन एक्सचेंज करते हैं। यही कार्य बिजली पानी के बिलों में और स्वयं बैंक कर्मचारी भी कर रहे हैं। मार्केट में 25 से 30% के कमीशन से बड़े नोट बदलवाने का धंधा जोरों पर है। इसलिए जो भी प्रचलित मुद्रा बैंक से पब्लिक में जा रही है वह वापस बैंक में नहीं आ रही है। इसलिए नगदी संकट गहराता जा रहा है। इसे एक उदाहरण द्वारा समझें। मान लीजिए मै बिजलीघर में कैशियर हूँ। दिन भर के कलेक्शन में 50 लाख रुपये आये। इनमें से 5 लाख छोटे नोट हैं, तो मै इन्हें बैंक में जमा न करके किसी अन्य से बड़े नोट लेकर, 50 लाख आगे जमा करवाता हूँ। इस प्रकार मैने एक ही दिन में 5 लाख काला धन सफेद में बदल दिया। इन 5 लाख में से 4 लाख काले धन के स्वामी के और एक लाख मेंरा हुआ। देश में कुल बिजलीघर और पेट्रोल पम्प जैसे इस प्रकार के यदि 10 लाख काउंटर हैं तो प्रतिदिन न्यूनतम 10 लाख गुणा पांच लाख रुपये काला से सफेद हो रहा है। दूसरी बात, ये लोग प्रचलित छोटे नोटों को दबाकर बैठ जाते हैं, जिससे ये बैंक तक वापिस नहीं जा पा रहे हैं, और अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। उपाय- सरकार को 24 नवम्बर की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। साथ ही, 30 दिसंबर की तिथि घटाकर, तुरंत प्रभाव से 30 नवम्बर कर देनी चाहिए और 31 मार्च वाली तिथि 30 दिसम्बर करनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो काले धन के कुछ नये अड्डे खड़े हो जायेंगे। ये राशि अभी भले ही छोटी लग रही है, पर यदि इसका चक्र घूमना शुरू हो गया तो शीघ्र ही अपने पुराने स्वरूप में आते देर नहीं लगेगी। और जो ड्रग्स, आतंक, अपराध, माफिया, अवैध कारोबार पर जो थोड़ा बहुत अंकुश लगा है, वह रुका हुआ नाला पूरे वेग से चल पड़ेगा। मेरा फिर से सरकार से निवेदन है, 30 दिसंबर बहुत दूर है अभी। इस तिथि को एक माह पूर्व खिसकाया जाय। सभी विपक्षी नेता लोगो के अपने पेट्रोल पंप भी है फिर भी ये लोग जनता का नाम ले कर अपना काला धन खुद ही बदल रहे हे रोज 5 लाख भी बदल दिया और ये काम देश के 5000 पम्पो पर भी हुआ तो 5000×500000 –2500000000 मतलब ढाई अरब रु रोज तो अंदाज लगा लो की क्यों ये लोग ज्यादा समय तक जनता के पैसे बदलने और चलने पे जोर दे रहे हे जिस से जितना काला धन इनका बदल सकता है बदल जाये सरकार को पम्पो पर, रेलवे में ,सरकारी अस्पतालों में और जहा भी पुराने नोट लिए जा रहे हे उन पर सीसीटीवी की व्यवस्था करनी चाहिए या इन नोटों को तुरन्त रोकना चाहिए।

Share This Post

Post Comment