मां-बेटे की हत्यारी बहू समेत पूरे परिवार को उम्रकैद की सजा

बुलंदशहर, यूपी/नगर संवाददाताः बुलंदशहर में दामाद और उसकी मां के हत्यारे एक पिता और उसके 4 साथियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। ढाई साल पहले गैंगस्टर पिता और उसके बेटों ने मिलकर दामाद और उसकी मां की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। हत्याकांड के पीछे दामाद की 8 करोड़ की सम्पत्ति थी जिस पर हत्यारे जबरन अपना कब्जा जमाना चाहते थे। बुलंदशहर की एडीजे-चार अदालत ने आज 5 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन हत्यारों ने 22 जून 2014 को डिबाई के कसेरकलाँ गांव में दिल्ली-बदायूँ नेशनल हाइवे पर उस वक्त सागर अली और उसकी मां इकलासी बेगम को चाकुओं से गोदकर मार डाला जब वह कोर्ट में तारीख करके घर लौट रहे थे। अदालत ने मुख्यारोपी गैंगस्टर शाहिद अली और उसके तीन बेटों और बेटी को अदालत ने इस मर्डर केस में दोषी माना। कोर्ट ने पाँचों हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 20-20 हजार रूपये जुर्माना लगाया है।कोर्ट में सजा सुनाये जाने के बाद जेल जाते वक्त हत्यारे शाहिद ने बताया कि विवाद बहन और भाई के बीच था। हमें मोहरा बनाकर सजा कराई गयी है। हम अपील करेगे। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सागर अली की शादी शाहिद की बेटी उम्मेदा बेगम से हुई थी। शादी के दो साल बाद दोनों का अलगाव हो गया और उम्मेदा अपने पिता के घर रहने लगी। दोनों के बीच मुआवजे को लेकर कोर्ट में केस भी चल रहा था। लेकिन शाहिद चाहता था कि सागर अली अपनी सारी जमीन उम्मेदा के नाम कर दे। शाहिद ने पहले सागर अली की कई बार पिटाई भी की थी। लेकिन जब सागर अली कोर्ट में पैरवी करने लगा तो शाहिद को करोड़ों की सम्पत्ति हाथ से निकलती दिखाई देने लगी। 22 जून 2014 को शाहिद ने अपने बेटों को साथ लेकर दोनों की हत्या कर दी। मृतक पक्ष के वकील हेमेन्त चौहान ने बताया कि इस मामले में वादी को कई बार जान से मारने की कोशिश की गयी थी। दिनदहाड़े बेरहमी से दोनो मां-बेटे की हत्या की गयी थी और हत्या की वजह करोड़ों की सम्पत्ति थी। हत्यारे मृतकों की करोड़ों की सम्पत्ति हड़पने पर उतारू थे। हिम्मत की बात यह रही कि तमाम धमकियों के बाबजूद सागर अली के ममेरे भाई परवेज ने इस केस में पैरवी की और केस के गवाह और सबूत कोर्ट के सामने पेश किये। 2014 में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने जिले की कानून-व्यवस्था को भी चुनौती दी थी।

Share This Post

Post Comment