नकली सिक्के का फैक्ट्री सिल

भिवानी, हरियाणा/शिव शंकर लालः दस रुपए के नकली सिक्कों के कारोबार ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली, हरियाणा और बिहार में नकली सिक्कों की चार फैक्ट्रियां पकड़ी गईं। इनमें से कुछ फैक्ट्रियां घरों में चलाई जा रही थीं। हरियाणा में ऐसी ही एक फैक्ट्री से अरेस्ट आरोपी ने खुलासा किया कि सिक्कों को बनाने का सामान दिल्ली के मायापुरी से लाया जाता था। इस मामले में दिल्ली पुलिस राजकुमार से पूछताछ कर रही है। 5-5 लाख में खरीदी थी मशीनें, ऐसे बनाते थे सिक्के…
नकली सिक्कों को बनाने के लिए फैक्ट्रियों में जो मशीन पकड़ में आई हैं, उसे मास्टरमाइंड लुथरा ब्रदर्स से पांच-पांच लाख रुपए में खरीदी गई थी। सिक्कों को बनाने में काम आने वाली मेटल भी लुथरा ब्रदर्स ही उपलब्ध कराते थे। बता दें कि कार्रवाई शुरू होने के बाद से ही लुथरा ब्रदर्स देश से फरार हो चुके थे। उनके साउथ अफ्रीका में होने का शक है। एक फैक्ट्री पर रेड के दौरान पकड़े गए राजकुमार ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में बताया कि सिक्के बनाने के लिए पीतल की चादर नरेश ही उन्हें लाकर देता था। इस चादर को मशीन और डाई की मदद से सिक्कों की आकार में काटा जाता था। बाद में उस पर नंबर और दूसरे मार्क्स प्रेस किया जाता था। यह चादर नरेश दिल्ली के मायापुरी से लेकर आता था, लेकिन कितने रुपए और किससे लाता था, इस बारे में कुछ भी पता नहीं है। राजकुमार के बयान पर दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को मायापुरी में छापेमारी शुरू कर दी है। जहां अभी तक पुलिस के हाथ कोई कामयाबी नहीं लगी है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि वह राजकुमार की निशानदेही पर मायापुरी में दबिश दे रही है।

Share This Post

Post Comment