पाक की गोलीबारी में संभल का लाल शहीद

भीमनगर/संभल, यूपी/नगर संवाददाताः रविवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पाकिस्तान की तरफ़ से हुई गोलीबारी में यूपी के ‘संभल के लाल’ 6 राजपूत रेजिमेंट के जवान सुधीश कुमार शहीद हो गए। जवान के शहादत की खबर मिलते ही संभल के नखासा थाना क्षेत्र के पंसुखा गांव में मातम पसर गया। सुधीश कुमार कटारिया चार साल पहले ही सेना में भर्ती हुए थे। सुधीश कुमार के परिवार में पत्नी और चार माह की बेटी के अलावा माता पिता और भाई हैं। सुधीश कुमार  की शहादत की खबर आने के बाद से पूरे गांव में शोक है। दुख की इस घड़ी में शहीद के परिवार वालों का कहना है कि उन्हें सुधीश कुमार की शहादत पर फक्र है वो देश के लिए लड़ता हुआ शहीद हुआ है। तो वहीं शहीद को पिता का कहना है कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए सेना और सर्जिकल स्ट्राइक करे।शहीद सैनिक सुधीश कुमार के चाचा चन्द्र पाल का कहना है कि हमारे सैनिक मारे जा रहे हैं। लेकिन मोदी जी ने अभी तक सेना को छूट नहीं दी है। हमारी सेना बंधी पड़ी है, पीएम को सेना को छूट दे देनी चाहिए ताकि सेना पाकिस्तान को सबक सीखा सके। सुधीश कुमार के छोटे भाई कपिल भी सेना में हैं और वो छुट्टी पर घर आये हुए हैं। सुधीश कुमार की शहादत पर उनकी आँखे भर आयीं। उनका कहना है कि दुख तो है लेकिन मुझे भाई पर गर्व है। उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं। उनके मुताबिक सरकार अपना काम कर रही है और सेना अपना काम करती है। उन्होंने बताया कि सेना आदेश पर काम करती है, वहां कोई अपना दिमाग नहीं चलता है। यही बात सुधीश कुमार के दूसरे भाई मनोज का भी कहना है कि हमे अपने भाई की शहादत पर गर्व है। सुधीश कुमार ने ही गांव के युवाओं में सेना में जाने की रूचि बढाई और अब इस गांव के पांच जवान सेना में हैं। सुधीश कुमार की पत्नी कविता और मां सहित परिवार की महिलाओं का रो रो कर बुरा हाल है। वहीं शहीद की चार माह की मासूम बेटी को अभी क्या पता की होश संभालने से पहले वो अनाथ हो गयी है। उसके सर से पिता का साया उठ चुका है। सुधीश कुमार का पार्थिव शारीर आज शाम तक उनके गांव पहुंचने की उम्मीद है। जिसके बाद उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जायेगा। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में शहीद हुए उत्तर प्रदेश के सम्भल निवासी जवान सुधीश कुमार के पिता ने केन्द्र से आतंकवाद खत्म करने के लिये पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कई और अभियान चलाने का आग्रह किया है। सम्भल जिले के पनसूखा मिलक गांव के निवासी शहीद सुधीश कुमार के पिता ब्रहमपाल सिंह ने बताया कि वैसे तो उन्हें देश के लिये अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। लेकिन सेना को देश से आतंकवाद खत्म करने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ और सर्जिकल स्ट्राइक करने चाहिए। यही उनके बेटे को श्रद्धांजलि होगी। सेना के 6 राजपूत रेजिमेंट में तैनात सुधीश कुमार रविवार को राजौरी के पास पाकिस्तान की सरहद के पास अग्रिम चौकी पर पड़ोसी मुल्क की सेना की गोलाबारी में शहीद हो गये थे। पेशे से किसान शहीद के पिता ब्रहमपाल ने बताया कि सुधीश उनकी पांच सन्तानों में सबसे छोटे थे। उनकी चार साल पहले सेना में नौकरी लगी थी। तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी और वह चार माह की बेटी के पिता भी थे। इस बीच अपर जिलाधिकारी राजेन्द्र यादव ने बताया कि शहीद सुधीश कुमार का पार्थिव शरीर आज शाम तक पहुंचने की सम्भावना है। शहीद की अंतेष्टि राजकीय सम्मान से की जायेगी जिसके लिए उचित प्रबंध किये गये हैं।

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