फौजियों की दिलेरी

फौजियों की दिलेरी

मुंबई, महाराष्ट्र/मिंटू देबनाथः आपने फौजियों के बारे मे बहुत सुना है, पढ़ा है और कई लोगों ने देखा भी है। अभी हाल ही में नई मुंबई में कई नेवी के एक्स-सर्विस मेन जो 2/1991 बेच के है। उनका एक साथी राजेंद्र पाटिल नई मुंबई में रहता था, अचानक उनकी मौत हो गई। उनके परिवार में 12 साल का विकलांग लड़का है, एवं 16 साल की कन्या है तथा घर खरीदने के लिए बैंक से लोन की मंथली किस्त चुकाना, पत्नी का गृहणी होना अनेक समस्याएं सामने थी। उसी समया राजेंद्र पाटिल के करीबन 130 बेच मेट उसकी सहायता के लिए सामने आये और व्हाटसएप्प के जरिए बैटमैच से बातचीत करके करीब तीन लाख रूपये तुरंत जमा करके उनकी पत्नी के बैंक में जमा करवा दिया और आश्वासन दिया कि कन्या की पढ़ाई और नौकरी के लिए भी मदद करेंगे। इसे कहते हैं वाह रे फौजी जब तक फौज मे रहे देश की रक्षा में अपनी जवानी कुर्बानी कर दी और अपने साथी का फौज में साथ नहीं छोड़ते यदि फौजी शहीद हो जाए तो उसके मृत शरीर को कंधे पे उठा कर ले आते है। और फौज छोड़ने के बाद भी अपने साथी का ख्याल रखते हैं। क्या हम सब भी ऐसा ही कुछ कर पाएंगे। फौजियों को और सभी एक्स सर्विस मेन को जुल्म से जंग का सलाम।

Share This Post

Post Comment