बाहुबली नेता शहाबुद्दीन एक बार फिर सलाखों के पीछे

पटना, बिहार/नगर संवाददाताः बिहार के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन को एकबार फिर सलाखों के पीछे जाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने आज अपने फैसले में शहाबुद्दीन की जमानत रद्द कर दी। शहाबुद्दीन को पिछले दिनों पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। राजीव रोशन हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के जमानत के फैसले को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने शहाबुद्दीन को हिरासत में लेकर वापस जेल भेजने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जल्दी से इस केस का ट्रायल पूरा किया जाए। यह फैसला जस्टिस पिनाकी घोष और जस्टिस अमिताव रॉय की बेंच ने सुनाया। शुहाबुद्दीन को जमानत मिलने पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही थी। सु्प्रीम कोर्ट में शहाबुद्दीन के वकील शेखर नाफड़े ने कई पहलुओं के सहारे जमानत रद्द ना करने के लिए जोरदार पैरवी की थी लेकिन कोर्ट प्रभावित नहीं हुआ। दूसरी तरह विपक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया कि शहाबुद्दीन जेल में जरूर था लेकिन जब चाहता था बाहर आ जाता था। शहाबुद्दीन को जब एहसास हुआ कि सुप्रीम कोर्ट उसकी जमानत रद्द कर देगा तो उसने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि चाहे जो शर्त लगा दी जाए लेकिन उसकी जमानत न रद्द की जाए। उसने कहा था कि अगर कोर्ट कहे तो वो बिहार तक छोडने को तैयार हैं। पुलिस किसी भी वक्त शहाबुद्दीन को गिरफ्तार कर सकती है। गौरतलब है कि शहाबुद्दीन तीन हत्याओं के दो अलग-अगल केस में आरोपी बनाया गया है। पटना हाईकोर्ट में ये दलील देकर उन्हें कि वो सीधे तौर पर हत्या के आरोपी नहीं हैं जमानत ले ली गई थी। लेकिन अब एकबार फिर उन्हे ट्रायल पूरा होने तक सलाखों के पीछे रहना पड़ेगा।

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