मेडिकल छात्रों की गुंडागर्दी पुलिस वाले को दौड़ाकर पीटा, फाड़े कपडे

पटना, बिहार/शिव शंकर लालः राजधानी पटना में मेडिकल छात्रों ने जमकर अपनी दादागिरी का मुजाहिरा किया। राजधानी के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज आईजीआईएमएस के छात्रों ने पटना के एक दारोगा को दौडा दौडा कर पीटा ही नहीं बल्कि आईजीआईएमएस के मेडिकल के छात्र इतने पर ही नही रुके छात्रों के झुंड ने दारोगा को घसीटते हुए सड़क से कैंपस तक ले गए और उनकी वर्दी तक फाड़ दी। इस वारदात को दिनदहाड़े बीच सड़क पर अंजाम दिया गया। सैकड़ो आँखों की मौजूदगी में भविष्य में डॉक्टर बन लोगो का इलाज करने वाले लड़को ने गुंडागर्दी का चरम पार करते हुए ख़ाकी वाले को न केवल पीटा बल्कि कपडे तक तार तार कर दिया।घटना पटना के आईजीआईएमएस की।शास्त्रीनगर थाने में पदस्थापित दारोगा अनिल कुमार को मेडिकल छात्रों का हेलमेट चेक करना बेहद महंगा पड़ गया। उन्हें क्या पता था कि मेडिकल छात्रों का हेलमेट चेक करने का परिणाम इतना बुरा होगा। मेडिकल छात्रों ने पहले तो नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए वाहन चलाते वक्त हेलमेट नहीं पहना और दारोगा अनिल कुमार ने छात्रों को रोक कर जुर्माना लगा ना चाहा तो एक बार फिर कानून को हाथ में लिया और जमकर उसकी पिटाई कर दी। मेडिकल छात्रों द्वारा दारोगा की पिटाई करते और घसीटते वक्त सड़क पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। एक पुलिस वाले की छात्रों द्वारा पिटाई होते देख रहे लोगों में किसी की हिम्मत नहीं थी कि मेडिकल छात्रों को ऐसा करने से रोक सके। मेडिकल छात्रों ने आधे घंटे तक जमकर गुंडागर्दी की करते हुए उत्पात और उपद्रव मचाया। अपने स्टाफ के संग हो रही मारपीट की घटना की सूचना शास्त्रीनगर थाना को मिलने पर पुलिस बल आईजीआईएमएस पहुंची और जैसे तैसे दारोगा अनिल कुमार को मेडिकल छात्रों के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस ने इस मामले में चार छात्रों को गिरफ्तार भी किया है। इस घटना का सबसे दुखद पहलु यह है कि एक खाकी वाले को बेरहमी से पिटने के आरोप में एक पुलिसकर्मी का बेटा गिरफ्तार किया गया है जो एमबीबीएस की पढाई कर रहा है। गिरफ्तार छात्रों में एक छात्र गांधी मैदान थाना में तैनात दारोगा विजय सिंह का बेटा भी शामिल है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य मेडिकल छात्रों की तलाश कर रही है।

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