वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिए संकेत, बढ़ाया जा सकता है देश का रक्षा बजट

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः पाकिस्तान के साथ तनावपूर्ण संबंधों और आतंकवाद से और मजबूती से निपटने के लिए भारत अपना रक्षा बजट बढा सकता है। इसके लिए देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा जरूरी है और इसके लिए संसाधन प्राथमिकता के साथ जुटाए जाएँगें। अरुण जेटली ने साफ तौर पर अगले वित्तीय वर्ष में देश के रक्षा बजट को बढ़ाने के संकेत दिए। वो मंबई में बैंक और इंडिया के बैंकिंग कांफ्रेंस में हिस्सा लेते हुए बोल रहे थे। इंटरनेट पर प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत फिलहाल 53.3 बिलियन डॉलर रक्षा बजट रखता है जो जीडीपी का 2.3 प्रतिशत है। भारत में इस वक्त तनाव के दौर से गुजर रहा है। उरी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। इस पर बोलते हुए देश के वित्त मंत्री ने कहा कि भारत सुरक्षा चुनौती से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह देश के संसाधन सुरक्षा पर खर्च करने होंगे और सरकार इसको प्राथमिकता पर रखेगी। वित्त मंत्री ने  यह भी कहा कि उरी हमले में हमारे 18 जवान शहीद हो जाने के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाया है और पाकिस्तान पर कार्रवाई करने के मूड में है। उन्होंने आईएस के खतरों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आपके पास अनिश्चितता है। आईएस दुनिया में आतंकवाद का एक बड़ा दानव बनकर उभरा जिससे शांतिप्रिय देशों की चुनौतियाँ बढ़ गई हैं। एक ग्लोबल इकॉनामी इससे अलग नहीं हो सकती। अनिश्चितता के इस माहौल के लिए उन्होंने ब्रेक्जिट का उदाहरण दिया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कर सुधार की तरह क्रांतिकारी कदम जीएसटी अगले साल से लागू हो जाने की पूरी उम्मीद है। संभव है कि यह अप्रैल से ही लागू हो जाए। पिछले 25 सालों के मुकाबले देश आज उस जगह खड़ा है जहाँ लोगों की आकांक्षाएं बड़ी हैं। देश का युवा सिर्फ ख़ड़े होकर देखना नहीं चाहता वह जनभावना बनाता है.

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