समिति के माध्यम से लड़ाई तेज का निर्णय

मुंबई, महाराष्ट्र/नजीर मुलाणीः मुस्लिम समाज को आरक्षण दिलाने की मांग पर मुस्लिम समाज के लोकप्रतिनिधियों ने एकजुट होने का फैसला किया है।मरीन लाइंस स्थित इस्लाम जिमखाना में सोमवार शाम समाजवादी पार्टी के विधायक और मुम्बई / महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू असीम आजमी की अगुवाई म बुलाई गई एक अहम बैठक में विभिन्न दलों के मुस्लिम विधायकों ने मुस्लिम समाज को आरक्षण दिलाने के लिए एकजुट होने और आंदोलन शुरू करने का फैसला किया। ऐसे  में मराठा समाज के मोर्चे की तरह मुस्लिम समाज भी अब आरक्षण के एकजुट होने का संकेत दिया है।आरक्षण के बारे में मुस्लिम समाज में जागरूकता बढ़ाने और समाज को सक्रिय करने के एक समिति बनाई गई है। आजमी की पहल पर बुलाई गई उक्त बैठक में मुस्लिम समाज के लोकप्रतिनिधि और समाज के जाने माने लोग शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस के पूर्व विधायक और मंत्री मोहमद आरिफ नसीम खान,विधायक अमिन पटेल ,एमआईएम के विधायक एड वारिश पठान राष्ट्रवादी कॉंग्रेस पार्टी के नगरसेवक हारुन खान, अल्पसंख्याक विभाग के  राष्ट्रीय अध्यक्ष एड  सय्यद जलालुद्दीन , मौलाना मेहमूद दर्याबादी, मौलाना अतहर अली, मौलाना एजाज कश्मिरी, अमन कमिटी के फरीद शेख, मौलाना अब्दुल सलाम सल्फी, असगर हैदरी, एड अब्बास काजमी सहित कई अन्य मुस्लिम के जानेमाने लोग शामिल थे। इन प्रमुख लोगों और मौलानाओं की प्रमुख उपस्थिति में एक समिति गठित की गई। यह समिति आगे रणनीति बनाएगी। ऐसी जानकारी अबू असीम आजमी ने दी।  आजमी ने बताया कि मुम्बई सहित पूरे महाराष्ट्र में  मुस्लिम समाज के जानमाने लोग ,मौलाना, सर्वपक्षीय नेता और  स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि  मुस्लिम आरक्षण के सन्दर्भ में जनजागरूकता फैलाएंगे और  लोगों को बताएँगे कि क्यों मुस्लिम समाज को आरक्षण चाहिए। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और महासचिव अब्दुल कादिर चौधरी ने बताया कि मुस्लिम समाज को तत्काल आरक्षण देने की मांग सरकार से बैठक के दौरान की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय नहीं हुआ है कि आरक्षण की मांग पर मराठा समाज की तरह मांग को लेकर मोर्चा निकालेंगे या नहीं। इसका निर्णय भविष्य में किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।

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