जमालपुर स्टेशन के किसी भी प्लेटफॉर्म पर ना तो यूरिनल और ना ही शौचालय की समुचित व्यवस्था

मुंगेर, बिहार/शिव शंकर लालः जमालपुर नगर कहने को तो जमालपुर रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन का दर्जा मिला हुआ है। लेकिन रेल यात्रियों के समक्ष रोना इस बात का है कि जमालपुर स्टेशन के किसी भी प्लेटफॉर्म पर ना तो यूरिनल और ना ही शौचालय की समुचित व्यवस्था है। स्टेशन पर एनजीओ की ओर से शौचालय की व्यवस्था की गई थी जो कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है। जमालपुर मॉडल स्टेशन पर पुरुष रेल यात्री तो किसी तरह से अपना मल-मुत्र त्याग कर लेते हैं।लेकिन सबसे बड़ी समस्या महिला रेलयात्री के समक्ष उत्पन्न होती है। बताते चलें कि भारतीय रेल के तरफ से स्टेशन परिसर में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।वहीं दूसरी ओर किसी भी प्लेटफार्म पर यूरिनल और शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से रेल यात्रीयों को जहां-तहां अपना मल मुत्र त्याग करना पड़ रहा है। रेलयात्री मनोज कुमार रजक, राधेश्याम बिहारी, त्रिपुरारी सिंह, द्रौपदी देवी, सुभद्रा देवी, सरोजिनी अम्बष्ठ ने कहा कि इस स्टेशन पर प्रायः किसी ना किसी रेल अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है। स्थानीय स्टेशन पदाधिकारी और कर्मी रेल पुलिस पदाधिकारी और और जवानों के लिए मलमूत्र त्याग करने की व्यवस्था रेल विभाग की ओर से की गई है। लेकिन यह कैसी विडंबना है कि रेल यात्रियों की सुविधा के लिए किसी भी प्लेटफॉर्म पर शौचालय की व्यवस्था नहीं है। नित्य दिन इस रेलवे स्टेशन से लगभग 5000 रेल यात्रियों की आवाजाही होती है। लेकिन इन रेलयात्रियों के दर्द भरी दास्तान को सुनने वाला कोई नहीं है।स्टेशन पर रेल के वरीय अधिकारी आते हैं और बड़े-बड़े खोखले दावे कर चले जाते हैं।जानकारों का कहना है कि एन जी ओ द्वारा जमालपुर रेलवे स्टेशन पर संचालित शौचालय का एग्रीमेंट समय सीमा खत्म हो जाने से शौचालय बंद पड़ा हुआ है। बीच में स्थानीय अधिकारी और पुलिस के हस्तक्षेप से इस शौचालय को चालू कराया गया था।लेकिन शौचालय में पानी की आपूर्ति नहीं होने से रेलयात्रियों ने शौचालय का उपयोग करना बंद दिया।जससे जमालपुर स्टेशन पर स्थित शौचालय सिर्फ शोभा की वस्तु बन कर रह गई है।

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