गोलगप्पे खाइये और “पेटीएम” मोबाइल वैलेट से पेमेंट करिये

पटना, बिहार/शिव शंकर लालः मोबाइल क्रांति के इस दौर जहाँ सब कुछ और बहुत कुछ आपके स्मार्ट फोन के चंद बटनों को दबाने भर से पूरा हो जाता है। वही राजधानी पटना में स्मार्ट फोन के जरिये गोलगप्पे या लोकल भाषा में फोचका खाने के बाद पेमेंट करने की सुविधा देकर मगध महिला कॉलेज के बाहर ठेला लगाकर चाटगोलगप्पे बेचने वाला “सत्यम” बेहद चर्चित हो गया है। राजधानी में इसकी स्मार्टनेस चर्चा में है। वह अपने ग्राहकों को मोबाइल वैलेट की सुविधा प्रदान करने वाले ‘पेटीएम’ के जरिए पेमेंट की सुविधा देता है।उसकी इस स्मार्टनेस की वजह से मगध महिला कॉलेज की छात्राएं तो उसकी फैन हैं। दरअसल जब दुनिया महज आप के स्मार्ट फ़ोन में सिमित होती जा रही है। ‘पेटीएम’ सीधे बैंक अकाउंट से जुड़ा एक ई-वॉलेट होता है। इसके जरिए शॉपिंग की जा सकती है। मोबाइल पर ‘पेटीएम’ एप डाउनलोड करने के बाद उसपर अपना अकाउंट बनाया जाता है। ‘पेटीएम’ वॉलेट का उपयोग करने के लिए उसमें अपने बैंक अकाउंट से पहले ही कुछ कैश जमा कर दिया जाता है। फिर आप फ़ोन से ही पेमेंट कर सकते है।  पटना के प्रतिष्ठित मगध महिला कॉलेज के गेट पर गोलगप्पेे के ठेला पर एक बोर्ड देखकर लोग पलभर के लिए चौंक जाते हैं। यह बोर्ड ठेले के ग्राहकों के लिए पेटीएम से पैसे के भुगतान की सुविधा होने की ताकीद करता है। मतलब खुल्ले न भी हो तो गोलगप्पे खाइये और पेटीएम से पेमेंट कर दीजिए। दरअसल, स्मार्टफोन पर इस नई तकनीक के आने के बाद छोटे कारोबारी भी स्मार्ट हो रहे हैं। इस ठेले को 12वीं पास युवक सत्यम चलाता है,जो अपनी कमाई के पैसों से आगे कॉलेज में नामांकन कराने की तैयारी कर रहा है। सत्यम भी उन्हीं में शामिल है। सत्यम बताता है कि इससे खुदरा पैसे के लिए चिकचिक नहीं होती है। कैश रखने की भी मजबूरी नहीं होती है। कॉलेज की छात्राएं ठेले से गोलगप्पे खातीं और पेटीएम के माध्यम से पेमेंट करती हैं। वही इस अनोखी और बेहद सफल सुविधा के बाबत मगध महिला कॉलेज भी कहती है कि क खुल्ले न भी हो तो बड़ी आसानी होती है। ये बहुत सुविधाजनक है चेंज के लिए भटकना नहीं पड़ता है।

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