फतुहा में एएसआई को दो गोलिया मार कर की हत्या

पटना, बिहार/शिव शंकर लालः शनिवार 24 सितंबर फतुहा में एएसआई को दो गोलिया मार कर हत्या के बाद उसकी 9 एमएम की पिस्टल की लूट ली गई है। ठीक इसी तरह 19 अप्रैल दारोगा हत्याकांड को अंजाम दिया गया और उसकी रिवॉल्वर लूट हत्यारे फरार हो गए और बिंद में 16 मार्च को रिटायर्ड दारोगा पर कातिलाना हमला कर उनका रिवॉल्वर छीन लिया गया था। तीनो मामले में हद से ज्यादा समानताएं है। अगर आप तीनो घटना क्रम का बारीक़ से पर बेहद साधारण तरीके से भी विश्लेषण करे तो ये प्रतीत होता है कि ये खुरेजी ऐसे रईसजादे कर रहे है जिनका कोई रिकॉर्ड पुलिस के पास मौजूद नहीं है। ये वैसे युवक है जो समझते है कि पुलिस उन तक कभी नहीं पहुच सकती है या फिर उन्हें लगता है उनको कोई पकड़ नहीं सकता है। ऐसा अति आत्मविश्वास तभी आता है जब आप नशे के हाईडोज में होते है। फिर नशे के हाईडोज में सड़को पर तफरी करने के दौरान पुलिस वाले को अकेला पाकर बिना वजह सिर्फ मज़े के लिए हत्या कर रहे है। क्योकि कुख्यात से कुख्यात अपराधी भी डायरेक्ट पुलिस से भिड़ने से न केवल कतराता है बल्कि दूर ही रहना पसंद करते है। क्योकि उन्हें पता होता है कि पुलिस को मारना मतलब मक्खी के बर्रे को छेड़ने जैसा है। उल्लेखनीय हैं कि पूर्व में इसी साल मार्च-अप्रैल महीने में महज 35 दिनो के अंतराल पर दो बावर्दी पुलिस दारोगाओं को गोली मार कर उनके सर्बिड रिवाल्वर लूट लिए गये। पहली घटना नालंदा जिले के विंद थाना क्षेत्र के मदनचक गांव में 16 मार्च को घटी तो दूसरी घटना सोमवार 19 मार्च को बाढ़ कोर्ट से लौटने के दौरान गोरक्षिणी गांव के समीप एनएच पर दिनदहाड़े मरांची थाने के दारोगा सुरेश कुमार ठाकुर की हत्या कर दी गई थी। तीनो घटनाओ ने पुरे पुलिस महकमे को सन्न कर झकझोर दिया है। तफ़्तीश शुरू हो चुकी है। आईजी नैयर हसनैन खान ने नालन्दा और पटना पुलिस की संयुक्त एसआईटी का पटना एसएसपी के नेतृत्व में गठन किया है। सनद रहे की पूर्व में हुई खुरेजी में एक संभावित हत्यारे का एक स्केच भी जारी हो चूका है।जो सम्भवतः गलत है। पुलिस जनसहयोग की अपील भी पटना पुलिस द्वारा की गई है।  खैर ये तो पुलिसिया जांच की शैली है। अब इस हत्याकांड के बाबत कुछ बेहद अहम् और सनसनीखेज खुलासा करने जा रहे है। फतुहा में तेलहाडा थाने के एएसआई जो पूर्व में ढाई साल पहले नालन्दा के ही थरथरी थाने से ट्रांसफर हो कर आये थे, की हत्या में एक राहगीर द्वारा दिए गए बयान के अनुसार घटना को अंजाम देने वाले काले रंग की पल्सर बाइक पर सवार थे। बाइक एक लंबे कद का हेलमेट पहने पतला दुबला लड़का चला रहा था। पीछे बैठा लड़का हल्का हेल्दी जिसे आम भाषा में तनी मोटा कहेंगे। दोनों ने कुछ देर मकतूल के पैरलल बाइक चलाते रहे फिर धाय धाय की आवाज आई और पुलिस वाला रोड पर लुढ़क गया। फिर बाइक पर पीछे बैठे लड़के ने उतर कर होलेस्टार से पिस्टल निकाल ली और बाइक से पटना की ओर निगल गए। वही, मरांची थाना के दारोगा की सरेआम दिनदहाड़े हत्या और पिछले महीने 16 मार्च को हुए नालंदा के बिंद थाना क्षेत्र में रिटायर्ड दारोगा पर कातिलाना हमला कर रिवाल्वर लूट में कई बाते बिलकुल एक जैसी है। मसलन तीनो काण्डों में बाइक सवार दो अपराधियों द्वारा खूँरेजी सह लूट को अंजाम दिया गया, युवक लगभग 20 से 25 आयु वर्ग के है। दोनों युवक जो हद से ज्यादा दुस्साहसी, जुनूनी,बेख़ौफ़ पुलिस से खुदक रखने वाले और नशे के हाईडोज़ में रहते है।फिर बेधड़क अकेले पुलिस वाले को अपना निशाना बना लेते है। तीनो वारदात को अंजाम देने का तरीका बिलकुल एक जैसा,अकेले ख़ाकीधारी शिकार पर घात लगा के हमला कर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर रिवाल्वर लेकर फरार हो जाना। तीनो ही वारदातों में बिलकुल नज़दीक से गोली मारी गई। पहली घटना में भी ईरादा क़त्ल करने का था, इस लिए पीछे से बिलकुल करीब से गोलिया दागी गई थी। घटना के वक्त रिटायर्ड दारोगा भुवनेश्वर प्रसाद सिंह केस की गवाही देने के लिए बाइक से बाढ़ कोर्ट जा रहे थे।गोली उनकी गर्दन में लगी शुक्र है बच गए पर रिवॉल्वर लूटा बैठे। मरांची के शहीद दारोगा भी बाढ़ कोर्ट से ही निकलकर मरांची थाना लौट रहे थे। वही दारोगा भुवनेश्वर प्रसाद सिंह केस की गवाही देने के लिए बाइक से बाढ़ कोर्ट आ रहे थे। घटना में एक और बात बेहद मिलती जुलती है तीनो घटना में यानी बाढ़ में भी दिनदहाड़े सरेआम मदनचक गांव के पास मारी गई थी गोली, वही बाढ़ वाले मामले में भी गोरक्षिणी गांव के समीप एनएच पर दिनदहाड़े सरेआम एसआई सुरेश ठाकुर को मार डाला गया। फतुहा में भी यही वाकया दोहराया गया। एक और बात जो बेहद हैरान करती है। तीनो घटना के वक्त अकेले थे। रिवाल्वर लिए थे। राजधानी पटना के आस पास के थानो में पोस्टेड रहना। एक ओर जहां रिटायर्ड दारोगा पटना गांधी मैदान थाने से सेवानिवृत्त हुए थे, वही मकतूल सुरेश ठाकुर पीरबहोर थाने से ट्रांसफर होकर मरांची आये थे। एक जैसी तीनो वारदातों में समानताओं और चश्मदीदों से बातचीत के बाद तो यही प्रतीत होता है की फतुहा हत्याकांड ,बाढ़ के मरांची और नालंदा जिले के बिंद थाना क्षेत्र में हुई खूँरेजी भरी वारदातों को अंजाम देने वाली “हत्यारी जोड़ी” एक ही है। साथ ही इस बात का भी अंदेशा अब यकीन में तब्दील हो रहा है कि ये लड़के किसी ख़ास मकसद से पुलिस को क़त्ल के इरादे से गोलिया मारने में लगे है। पर इस शातिरों ने घटना को बेहद शातिराना ढंग से रिवॉल्वर लूट की तरफ मोड दिया है। इधर जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खान ने कहा कि घटना को चुनौती के रूप में लिया गया है। दो बाइक सवार अपराधियों ने अब तक तीन पुलिस वालों का क़त्ल कर दिया है।एएसआई चौधरी की रिवाल्वर भी पूर्व की तरह लूट ली गई है। एसआईटी के गठन के बाद एसएसपी पटना के नेतृत्व में पुलिस द्वारा लगातार अलग अलग जगहों पर टीम बनाकर छापेमारी जारी है। ताकि इन सनकी हत्यारों को गिरफ्तार किया जा सके।  पटना एसएसपी मनु महाराज के नेतृत्व में संयुक्त एसआईटी एसएसपी के नेतृत्व में हत्यारों की तलाश में लगातार नालन्दा में कई जगहों पर ताबड़तोड़ चल रही है छापेमारी, एसएसपी तेलहड़ा थाना पहुचकर जांच को आगे बढ़ा रहे है।

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