1 लाख 93 हजार बेसहारा बच्चों को दिया गया सहारा

अलवर, राजस्थान/नगर संवाददाताः सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा राज्य में संचालित पालनहार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष में अब तक 126 करोड़ 27 लाख रुपए व्यय कर 1 लाख 93 हजार 284 बेसहारा बच्चों को आर्थिक सहायता देने की ऑनलाइन स्वीकृति जारी कर सहारा दिया गया है. इस वित्तीय वर्ष में विभाग के विशेष प्रयासों से अब तक 1 लाख 30 हजार 303 पालनहार के 2 लाख 26 हजार 993 बेसहारा बच्चों का नाम पोर्टल पर दर्ज कर 1 लाख 10 हजार 830 पालनहारों के 1 लाख 93 हजार 739 बच्चों का ऑनलाइन सत्यापन का कार्य किया गया है. सहायता राशि पालनहार योजना में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए 500 रुपए प्रतिमाह एवं 6 से 18 वर्ष तक के बालक बालिकाओं के लिए 1000 रुपए प्रतिमाह सहायता राशि दी जाती है. इसके अलावा 2 हजार रुपए वार्षिक अतिरिक्त राशि (विधवा व नाता पालनहार को छोड़कर) एक मुश्त दी जाती है. पालनहार योजना राजस्थान सरकार की गरीब व बेसहारा बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है. इस योजना में राज्य के 0 से 18 वर्ष तक के बेसहारा बालक व बालिकाओं की देखभाल एवं पालन पोषण की व्यवस्था परिवार के अंदर किसी निकटतम रिश्तेदार व परिचित व्यक्ति द्वारा की जाती है. माना जाता है कि निकट का रिश्तेदार ही बेसहारा बच्चों की सही देखभाल कर सकता है. इसलिए बच्चों की देखभाल करने वाले को पालनहार कहा जाता है. बच्चों के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा मासिक आर्थिक सहायता दी जाती है. पालनहार योजना में आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. अब आवेदन ऑनलाइन के माध्यम से किया जा सकेगा. इसके लिए अपने निकटतम ई-मित्र कियोस्क या स्वयं द्वारा संबंधित जिलों के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्यालय में सम्पर्क करना होगा. पालनहार योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि ऑनलाइन सीधे लाभार्थी के बैंक खातों में ट्रांसफर होगी. पालनहार योजना में लाभार्थियों को भामाशाह योजना से भी जोड़ा गया है.

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