जो हरियाणा लिंगअनुपात के लिए है बदनाम वहीं के लिए एक खुशी की खबर

सोनीपत, हरियाणा/नगर संवाददाताः हरियाणा की बेटियां जहां एक तरफ मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ लिंग अनुपात में भी हरियाणा तरक्की कर रहा है. हरियाणा के सोनीपत की दीपा मलिक रियो पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं.  रोहतक की साक्षी मलिक ने महिला कुश्ती में पिछले दिनों भारत के लिए रियो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता. ये दोनों उस हरियाणा से आती हैं जो लिंग अनुपात में देशभर में बदनाम है. 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की थी. फिल्म स्टार माधुरी दीक्षित को ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया था. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने बधाई दे कर और खुशी मना कर बेटी का इस दुनिया में स्वागत करने पर जोर दिया था. इस अभियान के तहत देश के सौ ऐसे जिले चुने गये जहां लिंग अनुपात सबसे कम था. चयनित जिलों को एक-एक करोड़ रुपये दिए गए. राज्यों से कहा गया कि स्थानीय स्तर पर ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाए साथ ही बच्चा अस्पताल में ही पैदा हो इसे सुनिश्चित किया जाए. गर्भवती महिला को अस्पताल तक पहूंचाने और फिर जच्चा बच्चा को घर तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की बात कही गई.

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