जमानत मिलने पर जेल से निकली पूजा पाठक उर्फ़ लेडी डॉन

पटना, बिहार/शिव शंकर लालः 22 नवम्बर 2015 को सूबे की महागठबंधन सरकार के अस्तित्व में आने के कुछ दिनों बाद ही दरभंगा में एके 47 से रंगदारी खातिर दो इंजीनियरों को भून डालने के आरोपी कुख्यात गैंगेस्टर मुकेश पाठक की पत्नी सह महिला गैंगस्टर पूजा पाठक चुप चाप दो दिन पहले जेल से रिहा हो गई। पटना हाई कोर्ट से पूजा को जमानत मिली है। इससे पहले निचली अदालत ने अपहरण और हत्या के प्रयास का आरोपी करार देते हुए उसे उम्र कैद की सजा सुनाई थी। अपराध की दुनिया में पूजा पाठक का नाम बिहार में किसी आतंक से कम नहीं है। पूजा ने जेल में रहते हुए ही कई व्यवसायियों का अपहरण करवाया और कुख्यात अपराधी मुकेश पाठक से शादी भी रचाई। कुछ दिन पहले ही जेल में रहते हुए पूजा ने एक बच्ची को जन्म भी दिया था। बिहार के मोस्ट वांटेड कुख्यात अपराधी सरगनाओ में शुमार मुकेश पाठक से शादी करने के बाद से जेल और अपराध की दुनिया में पूजा का रुतबा और हैसियत आसमान की ऊंचाइयों पर है। इसका नेटवर्क और दबदबा और बढ़ गया है। शातिर पूजा के दुस्साहस का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह चलती गाड़ी में अपना शिकार खोज कर उसका अपहरण कर लिया करती है।  राजधानी पटना में रहकर पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करने वाली पूजा पढ़ाई के दौरान अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए क्रिमिनल बनी थी। कॉलेज में उसकी मुलाकात कैलाश और एक अन्य व्यक्ति से हुई थी। इन दोनों ने ही पूजा को अपराध की राह का राही बना दिया था। इसके बाद पूजा कैलाश और उसके साथियों के साथ मिलकर अपहरण करने लगी। पूजा पहली बार वर्ष 2013 में कैलाश फौजी के साथ मिलकर दो लोगों का अपहरण कर चर्चा में आई थी। 16 जुलाई 2013 को मैग्मा फाइनेंस लिमिटेड में काम करने वाले नीरज कंपनी का काम निपटा कर घर लौट रहे थे। उसी समय पूजा और उसके साथी मिलकर हथियार के बल पर चलती गाड़ी से खिंचकर नीरज को अगवा कर लिया था। नीरज मैग्मा फाइनेंस लिमिटेड के लेनदेन का सारा हिसाब देखते थे। पूजा नीरज को अपनी गाड़ी में बैठाकर सुनसान जगह पर ले गई थी। उसके परिजनों से फिरौती की एक बड़ी रकम की मांग की थी। नीरज मुजफ्फरपुर जिले में हाथौड़ी थाना क्षेत्र के अमवा गांव के रहने वाले थे। बेहिचक पुलिस पर गोलीबारी करने और नीरज अपहरण को अंजाम देने के बाद के बाद पूजा का नाम अपराध की दुनिया में लेडी डॉन के नाम से लिया जाने लगा। पूजा का इसके बाद पूरे बिहार में अपहरण का धंधा चल पड़ा। उसने कई डॉक्टर, इंजीनियर और व्यवसायी का अपहरण कर लिया था। 2013 में फिरौती के पैसे लेने के दौरान पूजा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

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