चौमूँ का कृष्ण कान्त देशभर में जगा रहा बेटी बचाने की अलख

जयपुर, राजस्थान/विष्णु कुमावतः 28 महिने में पाँच राज्यों के 150 से ज्यादा गांवो के हजारों लोगों से संपर्क ! मकसद ‘बेटी बचाओ ,देश बचाओ ‘! सर्दी,गर्मी या बरसात, मौसम चाहे जैसा भी हो लेकिन बेटी बचाने की इस मुहिम को उन्होंने रुकने नहीं दिया ! चौमूँ के रहने वाले कृष्ण कान्त शर्मा ने अपनी इस मुहिम को बनाएँ रखने के लिए पढ़ाई से भी समझौता कर लिया ! इस मकसद में कोई बाधा नहीं आए , इसलिए उन्होंने स्वयंपाठी के रूप में पढ़ना बेहतर समझा ! न किसी सामाजिक संस्था का सहयोग और न ही सरकारी मदद, अपने बूते गाँव गाँव पहुँचकर बेटी बचाने का संदेश प्रसारित कर रहे हैं ! इस अभियान में आर्थिक रूप से तो नहीं , लेकिन भावनात्मक रूप से पिता श्री अशोक कुमार शर्मा और माँ इन्दूदेवी भी सहयोग कर रहे हैं ‘ बेटी घर का गहना हैं’ ,’बेटी आँगन की रौनक है ‘,’बेटी देश की शान है ‘ जैसे स्लोगन के जरिए वे ग्रामीणों को एकत्रित करते हैं ! पंचायत से संपर्क करते हैं और गाँवों के लोगों को एक स्थान पर बुलाते है ! बेटियों को देश का भविष्य बताते हुए लोगों को जागरूक करते हैं ! कृष्णकांत बताते हैं कि कई बार लोग घर के काम को छोड़कर चौपल पर नहीं आते ! ऐसे में हार नहीं मानता और घर घर जाकर ग्रामीण महिलाओं के दिल में बेटियों के प्रति प्यार और सम्मान जगाता हूँ राजस्थान के आदिवासी इलाकों में कृष्ण ने इस संदेश को घर घर तक पहुँचाया ! इसके लिए उदयपुर से अभियान की शुरुआत की ! इसके बाद माउंट आबू ,प्रतापगढ ,सिरोही , पाली ,चूरू आदि शहरों के सैकड़ों गाँव में इस संदेश को प्रसारित कर चुके हैं ! कृष्णकांत बताते हैं कि राजस्थान के आदिवासी गाँव में अच्छी प्रतिक्रिया मिली ! अन्य पढ़ें लिखे गाँववासियों से ज्यादा आदिवासी गाँव के लोगों ने उनकी बात को समझा और सम्मान दिया!

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