कोल्हापुर में बंधक 5 मजदूरों को पूर्णिया पुलिस ने सकुशल छुड़ाया

पटना, बिहार/शिवशंकर लालः एक बार फिर पूर्णिया एसपी निशांत तिवारी के नेतृत्व में पूर्णिया पुलिस ने कामयाबी की नई कहानी लिखी है। इस सफलता से आंसू बहाती आँखों और अनहोनी की आशंका से डरे सहमे लोगो को सुकून मिला है। जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रजीगंज पंचायत के साहेब महादलित कामत टोला के लोगों के लिए सोमवार दोहरी खुशी लेकर आया। सबसे पहले बंधक बने मजदूरों में से दो पप्पू ऋषि और संजय ऋषि  घर पहुचे। वहीं दूसरी ओर मुफस्सिल थानाध्यक्ष अमित कुमार के नेतृत्व में कोल्हापुर के कागले पहुंची पुलिस की विशेष टीम ने श्रीलक्ष्मी सर्विस लोहा फैक्ट्री से शेष पांच बंधक बने मजदूरों को मुक्त कराने की सूचना गाँव पहुची। अपनों के सुरक्षित होने की खबर ने गाँव के मातमी माहौल को जश्न में तब्दील कर दिया है। तो परिजनों के दिल से आई आवाज वाह पूर्णिया पुलिस। पुलिस द्वारा मुक्त कराये गये मजदूरों में मोनू ऋषि, गुलशन ऋषि, मुन्ना ऋषि, विकास ऋषि और अमर ऋषि शामिल है। उल्लेखनीय है की पूर्णिया जिले के रहने वाले 5 मजदूरों को महाराष्ट्र कोल्हापुर में बंधक बनाये जाने की जानकारी मिलते ही पूर्णिया एसपी ने त्वरित कार्यवाही करते हुए एक विशेष टीम का गठन कर सभी की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। सनद रहे की मामले में बंधक बनाए गए  पप्पू ऋषि के पिता दिलचन्द्र ऋषि ने थाना मुफ्फसिल में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।  जिसमें उल्लेख किया गया कि दिलीप कुमार जो बरसौनी बड़ी मुसहरी थाना के नगर एवं अन्य 02 व्यक्तियों द्वारा इनके पुत्र पप्पू ऋषि के साथ अन्य 07 युवक को मजदूरी कराने महाराष्ट्र के कोल्हापुर ले गये। इसी बीच कोल्हापुर गए बीरबल ऋषि वहाॅ अपने घर आये तथा उन्होंने बताया कि उनके साथ गये अन्य सभी व्यक्तियों को उक्त कम्पनी द्वारा बंधक बनाकर काम करा रहा है। वो किसी तरह से भाग कर गाँव आये हैं। मामले की गंभीरता कों देखते हुए एसपी निशांत कुमार तिवारी के निर्देश पर विशेष टीम गठन कर मजदूरों की रिहाई के लिए कोल्हापुल भेजा गया था।इस बाबत थाना कांड संख्या 330/16 दर्ज किया गया था।सोमवार को गांव पहुंचे पप्पू ऋषि और संजय ऋषि ने बंधक बने रहने के दौरान ठेकेदार और फैक्ट्री मालिक द्वारा बेइंतहा जुल्म किये जाने की बात कही। पप्पू ऋषि ने बताया कि उन लोगों को भर पेट भोजन नहीं दिया जाता था और 16 से 18 घंटे काम लिया जाता था।बताया कि बरसौनी निवासी करण ऋषि और केनगर निवासी दिलीप उन लोगों को महाराष्ट्र के कागले ले गया था।वहां ले जाकर बरसौनी निवासी रिंकू ऋषि के हवाले कर दिया।इन लोगों ने फैक्ट्री मालिक से 03 लाख रूपये अग्रिम के रूप में ले लिया। अपने और साथियों के ऊपर हुए जुल्मो सितम के बाबत उनका कहा रहा कि काम से इनकार करने पर या भोजन मांगने पर फैक्ट्री मालिक और उनके लठैतों द्वारा चमड़े के चाबुक से पिटाई की जाती थी। जबकि संजय ऋषि ने बताया कि वे लोग दाने-दाने के मोहताज थे और पैसे मांगने पर ठेकेदार और मालिक दोनों द्वारा पिटाई की जाती थी। पप्पू ऋषि और संजय ने बताया कि दो सप्ताह पहले वे लोग फैक्ट्री की दीवार कूद कर भाग गये और बेलापुर पहुचे। पप्पू ने बीते दिनों को याद करते हुए कहा ‘ जान बची गयी, यही बड़ी बात है।अब जिंदगी में कभी वापस नहीं जायेंगे’। वहीं पप्पू ऋषि के पिता दिलचंद ऋषि ने कहा कि आज उनका बेटा घर आ गया है।इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है। वे ईश्वर से कामना करते हैं कि सभी लोग सकुशल घर वापस आ जाये। वही दूसरी तरफ पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विकास, गुलशन और मोनू को महाराष्ट्र के गोकुल तिड़वा से बरामद किया गया जबकि मुन्ना और अमर को कोल्हापुर स्थित बासको इंजीनियरिंग से बरामद किया गया।वहीं मिली जानकारी के अनुसार पुलिस टीम सभी मुक्त कराये गये 05 मजदूरों को लेकर सोमवार की रात पूर्णिया के लिए रवाना हो गयी है। जनसरोकार और अपने जिले के मजदूरों पर परदेश में भी आई मुसीबत से सकुशल बचा लेने में सफल रहे निशांत तिवारी ने बताया की दो बंधक बने मजदूर पहले ही रवाना हो गए थे। जबकि शेष पांच को पुलिस टीम ने सकुशल बरामद कर लिया है। सभी मजदूरों को संग लेकर पुलिस टीम पूर्णिया के लिए ट्रेन में सवार हो चुकी है।

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