देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़े सेक्स रैकेट का हुआ खुलासा

नई दिल्ली/अरविंद कुमारः करीब 100 करोड़ के सेक्स रैकेट का खुलासा। क्राइम ब्रान्च ने सेक्स रैकेट चलाने वाले पती पत्नी समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। रैकेट इतना बड़ा है कि पहली बार इस मामले में मकोका के तहत केस दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रान्च ने रैकेट के सरगना पति पत्नी से कई लग्जरी गाड़ियां और बैंक अकाउंट में करीब 5 करोड़ रुपए पकड़ा है। ये गिरोह दूसरे राज्यों से लड़कियां लाकर दिल्ली में बेचा करता था। एक लड़की की कीमत करीब 50 हजार से ढाई लाख होती थी। क्राइम ब्रान्च ने ऐसे गिरोह को पकड़ा है जिसपर 5 हजार से ज्यादा लड़कियों को जिस्मफरोशी के दलदल में धकेलने का आरोप है। इस गिरोह के सरगना हैं क्राइम ब्रान्च की गिरफ्त में आए अफाक हुसैन और उसकी पत्नी सायरा बेगम पिछले करीब 20 साल से इस धंधे में शामिल थे। दिल्ली के जीबी रोड में इनके 6 कोठे हैं। जिसमें करीब 250 लड़कियां हैं। क्राइम ब्रान्च को सेक्स सिंडकेट के इस सरगना पति पत्नी की करोड़ों की प्रॉपर्टी के बारे में भी पता चला है। इनके पास से 6 लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई। शाहीन बाग में आलीशन कोठी, जैतपुर में फार्म हाउस है। एक अकाउंट से करीब 5 करोड़ रुपए मिले। बैंगलोर में 4 करोड़ की प्रॉपर्टी बेची। ये बात किसी से नहीं छुपी है कि जीबी रोड दिल्ली का रेड लाइट एरिया है। लेकिन जीबी रोड से इतना बड़ा सेक्स रैकेट चल रहा है ये किसी को नहीं मालूम था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रान्च को इस सेक्स सिंडिकेट की भनक लगी तो पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। अफाक और उसकी पत्नी सायरा का ये रैकेट बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैला हुआ था। इनका गिरोह दूसरे राज्यों से लड़कियों को दिल्ली में लाकर बेचा करते थे। अफाक के एजेंट लड़कियों को प्यार का झांसा देते, नौकरी का वादा करके दिल्ली लाते थे। दिल्ली में एक लड़की का सौदा 50 हजार से 2.5 लाख तक होता था। पुलिस और कानून की निगाह से बचने के लिए एक कंपनी की तरह इस सेक्स सिंडिकेट को चलाया जा रहा था। क्राइम ब्रान्च टीम ने सबसे पहले हनीफ़ा उर्फ़ निशा को गिरफ्तार किया हनीफ़ा उर्फ़ निशा ने अपने नंबर से मंगल नाम के वेक्ति को एस एम एस किया था उसके बाद क्राइम ब्रान्च टीम ने उनकी जाँच की तो इतना बड़ा रैकेट सामने आया है। मंगल को (ISIS) की धमकी भी मिली चुकी है बताया जा रहा है कि मंगल गौरक्षक है इसलिए (ISIS) ने उसको जान से मारने की धमकी दी है. 250 लड़कियों पर नज़र रखने के लिए 4 महिलाएं तैनात थीं. सिंडिकेट में इन महिलाओं को ‘नायिकाएं’ कहा जाता था. इन नायिकाओं पर नज़र रखने के लिए एक चीफ मैनेजर था. चीफ मैनेजर का नाम सरफराज है. दरियागंज का रहने वाला सरफराज फरार है. कोठों से होने वाली कमाई का हिसाब नायिकाएं अफाक के ड्राइवर को देती थीं. अफाक का ड्राइवर रमेश पंडित नेपाल का रहने वाला है. क्राइम ब्रान्च ने अफाक और उसकी पत्नी समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिन पर पहली बार मकोका के तहत केस दर्ज किया गया है। इसमें कोई दो राय नहीं कि ये रैकेट गिरफ्त में आए सिर्फ इन 8 लोगों तक सीमित नहीं है। कई और लोग हैं जो लड़कियों को दूसरे राज्यों से लाकर दिल्ली में बेच रहे हैं। उन्हें जिस्मफरोशी के दलदल में डाल रहे हैं। क्राइम ब्रान्च बाकी लोगों की सरगर्मी से तलाश कर रही है

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