भारत और अमेरिका ने किया महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः भारतीय रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर इस समय अमेरिकी दौरे पर गए हैं जहां पार्रिकर ने ये दावा कि अमेरिका आतंकवाद से लड़ने में भारत का पूरा साथ देगा। इसके साथ ही साथ अमेरिका भारत की मदद पड़ोस से जारी आतकंवादी गतिविधियों से निपटने में करेगा। इसके साथ ही साथ भारत और अमेरिका के बीच बड़ा करार हुआ है। इस करार में भारत किसी भी अमेरिकी एयरबेस का इस्तेमाल कर सकेगा। इसके साथ ही साथ भारतीय मिलेट्री एयरबेस पर अमेरिकी विमान भी उतर सकेंगे। दोनों ही देशों ने इस महत्वपूर्ण समझौते पर अपने हस्ताक्षर किये हैं। इसके समझौते के बाद दोनों देश रक्षा क्षेत्र में साजो-सामान संबंधी निकट साझेदार बन जाएंगे। समझौते के बाद दोनों देशों की सेनाएं मरम्मत एवं आपूर्ति के लिए एक दूसरे की रिसोर्सेज और सैनिक अड्डों का इस्तेमाल कर सकेंगी। दोनों ही देशों के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने कहा कि यह समझौता व्यवहारिक संपर्क और आदान-प्रदान के लिए अवसर प्रदान करेगा। पर्रिकर और कार्टर दरअसल कल दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित ‘लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’ (एलईएमओए) के बारे में बता रहे थे। बता दें कि एलईएमओए भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच प्रतिपूर्ति के आधार पर साजो-सामान संबंधी सहयोग, आपूर्ति और सेवाओं का प्रावधान कराता है और साथ ही साथ इनके संचालन की रूपरेखा उपलब्ध कराता है इसमें भोजन, पानी, घर, परिवहन, पेट्रोल, तेल, कपड़े, चिकित्सीय सेवाएं, कलपुर्जे, मरम्मत एवं रखरखाव की सेवाएं, प्रशिक्षण सेवाएं और अन्य साजो-सामान संबंधी वस्तुएं एवं सेवाएं शामिल हैं।

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