गड़बड़ी होने पर हाईकोर्ट ने रद की दारोगा पदों की चयन सूची

लखनऊ, यूपी/अनिल कुमारः उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने वर्ष 2011 में शुरू की गई दारोगा भर्ती प्रक्रिया के तहत जून 2015 में जारी 4010 दारोगा व प्लाटून कमांडरों की चयनित सूची रद कर दी है। न्यायमूर्ति राजन रॉय ने आज दिए फैसले में राज्य सरकार को लिखित परीक्षा के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए उसे पूरी कर नई चयन सूची बनाने के आदेश दिए हैं। याची अभिषेक कुमार सिंह व अन्य की ओर से अधिवक्ता रजत राजन सिंह ने बताया कि न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई पूरी कर 26 मई को ही फैसला सुरक्षित कर लिया था, जिसे आज सुनाया गया है। अधिवक्ता के अनुसार न्यायालय के फैसले से चयनित अभ्यर्थियों को झटका लगा है जो कि अभी ट्रेनिंग कर रहे हैं और जल्द ही उनकी ट्रेनिंग पूरी होने वाली है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में दारोगा व प्लाटून कमांडरों के 4010 पदों पर भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया शुरू की गई। वर्ष 2014 में लिखित परीक्षा की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।  26 जून 2015 को सरकार ने चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी। इस पर कई असफल अभ्यर्थियों ने न्यायालय में याचिकाएं दायर कर चयन सूची को चुनौती दी थी। याचियों की ओर से दलील दी गई कि क्षैतिज आरक्षण को गलत तरीके से लागू किया गया था। प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम सौ अंक निर्धारित किए गए थे, लेकिन कई ऐसे अभ्यर्थियों को भी लिखित परीक्षा में बैठाया गया, जिनके अंक 100 से कम थे। याचिका में कहा गया कि नियमों के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों में से कुल पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में बुलाना था, लेकिन इसके विपरीत पांच से छह गुना अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया गया। दलील दी गई कि जीडी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं कराई गई। हालांकि राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध किया गया था।

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