खतरनाक रोगों से मुक्ति दिलाता है योग: डा. नेहा सिंह

गोंडा, युपी/मयूर रैतानीः आज हम प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं, जिससे हमारा स्वास्थ्य खराब रहता है। योग, मधुमेह और क्षय रोग जैसे अनेक खतरनाक रोगों से मुक्ति दिलाने में बहुत सहायक है। योग, प्राणायाम और व्यायाम को अपनाकर हम एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। यह विचार आकांक्षा समिति की अध्यक्ष जिलाधिकारी की धर्मपत्नी डा0 नेहा सिंह ने लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय के शिक्षा संकाय में आयोजित तीन दिवसीय योग शिविर के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अभी से योग, प्राणायम एवं व्यायाम की आदत डालनी चाहिए। इससे उन्हें संयमित जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त होगा। अध्ययन के दौरान निद्रा और थकान महसूस नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी महत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हजारों वर्ष पूर्व महर्षि पतंजलि द्वारा शुरू किए गए योग विद्या को आज पूरे विश्व ने स्वीकार किया है। विशिष्ट अतिथि जिला महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डा. राम लखन सिंह ने व्यायाम पर जोर देते हुए कहा कि योग विज्ञान की दृष्टि से भी हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और योग व्यायाम के माध्यम से कई ऐसे बड़े असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिल जाती है, जिसमें कई बार वैज्ञानिक उपचार पद्धति असफल हो जाती है। शिविर के योग प्रशिक्षक सहदेव सिंह ने कहा कि योग प्राण विज्ञान है और स्वस्थ रहने के लिए नियमित योग, प्राणायाम और व्यायाम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रगति से तादाम्य रखने वाले पशु पक्षी और जीव जन्तु निरोग होते हैं, जबकि मनुष्य रोगी हो जाता है क्योंकि वह प्रकृति से दूर होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि यदि प्रतिदिन एक घंटा योग किया जाय तो मन प्रसन्न रहेगा, तनाव से मुक्ति मिलेगी और शरीर निरोग होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कालेज के सचिव कश्मीर सिंह सलूजा ने आयोजकों की सराहना की और वि़द्यार्थियांे से योग शिक्षा पद्धति अपनाने की अपील की। कार्यवाहक प्राचार्य डा. आंेकार पाठक ने आगन्तुक अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और योग, व्यायाम के लाभ के बारे में बताया। आयोजक महाविद्यालय के शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष डा. श्याम बहादुर सिंह ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक विज्ञान नहीं है, बल्कि यह आत्मिक विकास से जुड़ा है और समाधि तक की स्थिति में ले जाता है। उन्होंने कहा कि मोह माया से मुक्त कृष्ण को योगेश्वर कहा गया। इससे यह सिद्ध होता है कि ईश्वर ने भी योग की महत्ता को स्वीकार किया। कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। बीएड विभाग की छात्राओं नीतू सिंह, रीतू सिंह और सविता सिंह ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डा. संदीप श्रीवास्तव ने किया। आयोजक द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह व पुष्प गुच्छ भेंट किया गया। योग शिविर के शुभारम्भ्ज्ञ के मौके पर वरिष्ठ पत्रकार एसपी मिश्र, शिक्षक राजेश पोरवाल, राजेन्द्र नाथ मिश्र, प्रतिभा सिंह, अमरजीत सिंह, विवेक कुमार, कार्तिकेय श्रीवास्तव, अमित रंजन पाण्डेय समेत सैकड़़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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