24 को डीएम बेलसर के ग्राम प्रधानों से करेगें सीधा संवाद

गोंडा, युपी/मयूर रैतानीः डीएम आशुतोष निरंजन ने शुक्रवार 19 अगस्त को अज्ञिनव प्रोग्राम ‘‘काॅफी विद कलेक्टर’’ में ब्लाॅक बेलसर के ब्लाक प्रमुख, बीडीओ, एडीओ सहित अन्य अधनीस्थ अधिकारियों कर्मचारियों के साथ विकासखण्ड के चहुंमुखी विकास पर परिचर्चा की। विकास कार्यों पर कड़ा रूख अपनाते हिुए डीएम ने बीडीओ सहित अन्य अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने की शिकायत किसी भी जनप्रतिनिधि या आम जनता से प्राप्त हुई अथवा स्वयं उनके द्वारा पकड़ी गई तो निश्चित ही कार्यवाही के लिए तैयार रहें। उन्होने कहा कि उनका एकमात्र ध्येय है जनपद का विकास और पात्रों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाना है। इसलिए सभी अधिकारी कर्मचारी भयमुक्त वातावरण में कार्य करें। परिचर्चा की शुरूआत डीएम ने इन्दिरा आवास से की। ज्ञात हुआ कि कई लाभार्थियों के आवास धनराशि निर्गत हो जाने के बाद भी अपूर्ण हैं। कारण पूछने पर बताया गया कि लाभार्थियों द्वारा मानक की अनदेखी करते हुए आवास बनाए जा रहे हैं। जिसके कारण आवास अभी तक अपूर्ण हैं। इस प्रकरण पर डीएम ने बीडीओ को कड़े निर्देश दिए कि ऐसे लाभार्थियों की सूची बनाकर पहले उन्हें नोटिस दें बीडीओ, एडीओ स्वयं गांवों में जाकर ऐसे लाभार्थियों से मिलकर उन्हें एक सप्ताह का समय देदें। इसके बावजूद जो भी लाभार्थी आवास न बनाए उसके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करते हुए रिकबरी की कार्यवाही करें। इसके अलावा डीएम ने बीडीओ को ब्लाक बेलसर के सभी लोहिया आवासों को सितम्बर माह के अन्त तक हर हाल में पूर्ण कराकर रिपोर्ट दें। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के गठित समूहों को रिवाल्विंग फण्ड न देने व ब्लाक लेबल बैंकर्स कमेटी की बैठक में बैंकों के प्रतिनिधि नहीं आते हैं और इसमें रूचि न लेने की शिकायत की गई। इस मामले पर डीएम ने एलडीएम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बीएलबीी की बैठक में बैंकों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित कराएं और गठित समूहों को तत्काल रिवाल्विंग फण्ड भी स्वीकृत करके उपलब्ध कराएं। स्वच्छ भारत अभियान पर परिचर्चा के दौरान ज्ञात हुआ कि ब्लाॅक के कई गांवों में शौचालय का पैसा डमप पड़ा हुआ है। लाभार्थियों द्वारा जानबूझकर शौचालय निर्माण में रूचि नहीं ली जा रही है। इस मामले पर डीएम ने डीपीआरओ को निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी गांवों में जहां भी पैसा शौचालय के मद में डम्प पड़ा हुआ है, उन सभी गांवों से पैसा वापस ले लिया जाय और ओडीएफ हेतु चयनित या अन्य जागरूक गांवों को ओडीएफ करने हेतु प्रयोग किया जाएं। ब्लाॅक समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन द्वारा परिचर्चा में डीएम को अवगत कराया गया कि कुछ पंचायत सचिवों द्वारा आपसी मनमुटाव या अन्य दबाव में शौचालय बनवाने के बाद भी लाभार्थियों को सहायता राशि नही दी जी रही है। इस प्रकरण को डीएम कोे बेहद गम्भीरता से लेते हुए सभी पंचायत सचिवों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी दशा में अकारण ही जनता का हित प्रभावित हुआ या सरकार की योजनाएं ढंग से लागू नहीं हुईं तो इसके लिए जिम्मेदार सभी अधिकारी कठोर कार्यवाही के लिए तैयार रहें साथ ही डीएम ने डीपीआरओ का निर्देश दिए कि ऐसे लाभार्थियों को शौचालय की धनराशि सीधे मुख्यालय से दिलवाएं। परिचर्चा के उपरान्त ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि पप्पू सिंह परास ने कहा कि जिलाधिकारी के बात और सोच से लगता है कि जिले को नई दिशा देना चाहते है प्रत्येक क्षेत्र में एक एक बिन्दु पर चर्चा और तुरन्त निराकरण का प्रयास करते है अपने मातहत अधिकारियों को निर्देश देते है लेकिन जिलाधिकारी का यह प्रयास और सोच तभी सार्थक होगी जब हम आप छोटे बजे सभी जन प्रतिनिधि उनका सहयोग करेंगे। हम सब मिलकर जिलाधिकारी के प्रयासों सफल बनाये और स्वच्छ गोण्डा स्वस्थ गोण्डा साक्षर गोण्डा बनाने में सहयोग करें। डीएम ने इसी क्रम ब्लाॅक प्रमुख के अनुरोध पर आगामी 24 अगस्त को अपरान्ह तीन बजे ब्लाक परिसर में ब्लाक के सभी ग्राम प्रधानों से सीधे संवाद का निर्णय लिया है। कार्यक्रम के दौरान ब्लाॅक प्रमुख आशाराम, प्रतिनिधि पप्पू सिंह परास, बीडीओ प्रभात कुमार श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत युगला शरण शुक्ल, एडीओ आईएसबी ब्रम्हदेव पाण्डेय, ब्लाक जेई बीरेन्द्र बहादुर सिंह, एपीओ मनरेगा पूनम शुक्ला कम्प्यूटर आपरेटर हरीश कुमार पाण्डेय, लेखाकार मनरेगा श्यामधर दूबे, सहायक लेखाकार लोहिया आवास उपस्थित रहे।

Share This Post

Post Comment