सरकार्यवाह जी का गौरक्ष पर कत्र्तव्य

मैसूर, कर्नाटका/लच्छाराम चैधरीः समाज के कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा गौरक्षा के नाम पर कुछ स्थानों पर कानून अपने हाथ में ले कर एवं हिंसा फैलाकर समाज का सौहार्द दुषित करने के प्रयास किया जा रहे है। इससे गौरक्षा एवं गौसेवा के पवित्र कार्य के प्रति आशंकाएं उठ सकती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देशवासियों से अवाहन करता है कि गौरक्ष ने नाम पर कुछ मुट्ठी भर अवसरवादी लोगों के ऐसी निदनीय प्रयासों के गौरक्षा के पवित्र कार्य में लगे देशवासियों से ना जोड़े और उनका असली चेहरा सामने लायें राज्य सरकारों से भी हम आवाहन करते है कि ऐसे तत्वों पर उचित कानूनी कार्यवाही करें तथा गौरक्षा एवं गौ सेवा के सच्चे कार्य को बधित न होने दें। भारत एक कृषि प्रधान देश है और भारतीय गौ सदैव देश की कृषि का आधार रही है। रासायनिक खाद एवं किटनाशकों के बेतहाशा प्रयोग से जब सारा विश्व पीड़ित है तब गौर आधारित कृषि के संबंध में हिंदू समाज तथा अन्य समाज बंधुओं की श्रद्धा एक महत्वपूर्ण पक्ष है।

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