माओवादी हमले में जवान हुआ शहीद, न मंत्री पहुंचे न अफसर

दांतेवाड़ा, छत्तीसगढ़/मालती दासः दंतेवाड़ा में माओवादी हमले में घायल जवान आदित्य शरण कंवर ने गुरुवार को रामकृष्ण केयर अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उन्हें देखने मुख्यमंत्री से लेकर कोई मंत्री-अफसर नहीं पहुंचे। इसके अलावा पोस्टमॉर्टम के वक्त भी अंबेडकर अस्पताल की मरच्यूरी में कोई मौजूद नहीं थे। प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में मंत्री या अफसरों को मौके पर रहना अनिवार्य है। जवान के शहीद होने की सूचना मिलने पर मरच्यूरी पहुंचे छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने इसे शहादत का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि माओवादियों से लडऩे वाले जवानों की शासन में कोई कद्र नहीं है। शासन-प्रशासन संवेदनहीन हो गई है। उस समय कोई अफसर-मंत्री वहां नहीं थे। शहीद कंवर पाली तानाखार के हैं। बुधवार को दंतेवाड़ा में मुठभेड़ के दौरान उन्हें गोली लग गई थी। वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से रायपुर लाया गया था। बुधवार को माना एयरपोर्ट से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उन्हें लाया गया था। शहीद कंवर ने सुबह करीब 8 बजे अंतिम सांस ली। 10 बजे उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अंबेडकर अस्पताल भेजा गया। सुबह 11.30 बजे तक शव का पोस्टमॉर्टम हो गया। इस दौरान शासन और प्रशासन की ओर से कोई मंत्री-अफसर नहीं पहुंचे थे। न ही कोई नेता। पूर्व मुख्यमंत्री के पहुंचने के बाद अफसर-नेता पहुंचे। इस दौरान विधायक अमित जोगी, विनोद तिवारी व छजकां के कार्यकर्ता मौजूद थे। वहां कांग्रेस के विकास उपाध्याय समेत अन्य कांग्रेसी नेता भी आए।

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