जीएसटी बिल के लिए बुलाया जाएगा विधानसभा का विशेष सत्र

रायपुर, छत्तीसगढ़/मयूर जैनः एसटी बिल को सभी प्रदेशों में लागु करने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों और विधानसभा सचिवालयों को पत्र लिखा है। केंद्र सरकार की ओर से मिले इस पत्र में इसी माह के भीतर संशोधन विधेयक के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को कहा गया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इसे लागू करने के लिए राज्य सरकार इस माह के अंत तक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। इसमें संशोधन विधेयक के लिए विधान सभा का विशेष सत्र बुलाने को कहा गया है। इसके आधार पर विधानसभा सचिवालय ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। विशेष सत्र की तिथि कैबिनेट की बैठक में तय होगी। इसके बाद विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर अनुमोदन किया जाएगा। अनुमोदन के बाद इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। लोकसभा और राज्यसभा में जीएसटी पारित होने के बाद केन्द्र सरकार का जीएसटी को लेकर एक अप्रैल 2017 तक पूरे देश में एक साथ लागू करने का लक्ष्य है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष कर है। जीएसटी के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान टैक्स लगाया जाता है। जहां जीएसटी लागू नहीं है, वहां वस्तुओं और सेवाओं पर अलग-अलग टैक्स लगाए जाते हैं। सरकार अगर इस बिल को 2016 से लागू कर देती तो हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स जैसे करों की जगह सिर्फ एक ही टैक्स लगेगा। एसटी में ही तीन तरह के टैक्स होंगे। सीजीएसटी यानी सेंट्रल जीएसटी इसे केंद्र सरकार वसूलेगी, एसजीएसटी यानी स्टेट जीएसटी इसे राज्य सरकार वसूलेगी और आई जीएसटी यानी इंटिग्रेटेड जीएसटी अगर कोई कारोबार दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर यह टैक्स लगेगा। इसे केंद्र सरकार वसूलकर दोनों राज्यों में बराबर बांट देगी।

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