नाबालिग दलित लड़की से रेप, बहुमंजिला इमारत की छत पर मिली बेहोश

टोंक, राजस्थान/नगर संवावददाताः टोंक जिले के पांसरोटिया गांव के रहने वाले एक श्रमिक परिवार की आठ वर्षीय बालिका के साथ जयपुर के शिवदासपुरा थाना क्षेत्र के किशनपुरागांव में दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है. खासबात यह की घटना 8 अगस्त को हुई. इस घटना के बाद बालिका को महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती भी कराया गया, लेकिन वहां से कुछ प्रभावशाली लोगों ने डरा-धमकाकर बालिका को उसके परिजनों के साथ टोंक के लिए रवाना करा दिया. यह मामला उस समय उजागर हुआ जब बीती शाम पीड़ित बालिका की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे टोंक के जनाना अस्पताल स्थित बच्चों के वार्ड में उपचार के लिए भर्ती कराया गया. अस्पताल में तैनात चिकित्सकों द्वारा इस मामले की जानकारी पुलिस को दिए जाने के बाद वहां कोतवाली थानाधिकारी दिलीप सोनी और वृत्ताधिकारी टोंक ब्रिजेंद्र सिंह भाटी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मामले की जानकारी ली. परिजनों ने पुलिस को बताया कि वे किशनपुरा के एक फॉर्म हाऊस पर रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं और वहीं से 8 अगस्त की दोपहर उनकी 8 वर्षीय बेटी लापता हो गई. परिजनों के अनुसार काफी ढूंढ़ने पर भी उनकी बेटी का उस दिन कुछ पता नहीं चल सका. दूसरे दिन सुबह वह फार्म हाऊस में ही बनायी जा रही बहुमंजिला इमारत की छत पर बेहोशी की हालत में पड़ी मिली. परिजनों ने पुलिस को यह भी बताया कि वे अपनी बेटी को लेकर महात्मा गांधी अस्पताल भी लेकर गए थे, लेकिन फार्म हाऊस के मुनीम ने उन्हें डरा-धमकाकर टोंक के लिए रवाना कर दिया. इधर, ताजा जानकारी के अनुसार देर रात बालिका को टोंक से जयपुर रेफर किए जाने के बाद उसे जेके लोन अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सीओ बिजेंद्र सिंह भाटी ने बताया की चिकित्सकों के अनुसार बालिका के साथ दुष्कर्म की पुष्टी होने की बात सामने आई है. साथ ही बालिका के गले पर मिले निशानों से ऐसा भी लग रहा है जैसे कि घटना के समय उसका गला किसी रस्सी से दबाने की कोशिश भी की गई है. फिलहाल शिवदासपुरा थाना पुलिस में मामला दर्ज कर लिया है. पीड़िता दलित परिवार की है.

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