बंदूक थामने वाले हाथों में सजी मेहंदी, बाराती बने कलेक्टर आई जी

रायपुर, छत्तीसगढ़/मयुर जैनः जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में खौफ और दशहत की नहीं बल्कि खुशियों के गीत सुनाई दिए। जिन हाथों में दहशत के लिए बंदूक होती थी अब उन हाथों में मेहंदी रची हुई है। जो बस्तरवासी गोलियों की आवाज से सहम जाते थे वो बस्तरवासी खुशी से नाचते और गाते दिखाई दिए। दरअसल, जिले के दरभा ब्लॉक में आत्मसमर्पित नक्सलियों की शादी का समारोह था। नक्सल प्रभावित दरभा क्षेत्र में मंगलवार को जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और दो परिवारों के सहयोग से दो आत्मसमर्पित माओवादियों की शादी कराई गई। इस अनोखी और भव्य शादी में दुल्हा बने आत्मसमर्पित माओवादी बुधराम का लछमती और मानसाय ने पदमिनी का हाथ थामा। मानसाय को छोड़कर शादी रचाने वाले बाकि सभी चेहरे ऐसे थे जो कल तक बंदूक लेकर हिंसा की जुबान बोलते थे। लेकिन सरकारी तंत्र के प्रयासों के कारण ये नक्सली बंदूक छोड़कर अपने नए जीवन की शुरुआत की। दरभा तहसील को जनवासा बनाया गया था। जहां धूमधाम से मानसाय और बुधराम दुल्हा बनकर अपनी दुल्हनियां लेने के लिए निकले थे।  दोनों की शादी में बस्तर रेंज के आईजी, बस्तर कमिश्नर, एसपी और जगदलपुर जिले के कलेक्टर आशीर्वाद देने के अतिथि मेहमान बनकर पहुंचे थे।

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