जुड़वाँ भाइयों की अजीब दास्तान

पटना, बिहार/शिवशंकर लालः कई वर्ष पहले सलमान खान की एक फिल्म आई थी जुड़वा इस फिल्म में सलमान डबल रोल में थे एक सलमान जो करता था ठीक वही काम दूसरा भी करता था। एक को चोट लगती तो दूसरे को भी लगती।एक मरता तो दूसरा भी गुंडों की पिटाई करने लगता। ये तो एक फ़िल्मी कहानी थी पर बिहार के दरभंगा जिले में दो जुड़वां भाईयों की स्टोरी फिल्मो से भी कही दूर बहुत आगे निकल गई है।इन अजूबे जुडवा भाइयों की तो अजीबो गरीब कहानी है।अजीब और अनोखी इस लिए क्योकि विज्ञान को भी चकरा देने वाले हालात है इन दोनों भाइयों के। यानि एक का हाथ टूटता है तो सिर्फ दर्द ही नहीं होता बल्कि दूसरे का भी हाथ ठीक उसी जगह पर टूट जाता है। इस कुदरत के अनोखे चमत्कार को विज्ञान भी नमस्कार कर रहा है। वही इन दोनों बच्चों की फैमिली इनके इस ला-इलाज बीमारी से परेशान हो गई है। अब तो पिता के पास इतने पैसे भी नहीं है कि वो डॉक्टर से इनका इलाज करा सकें। इस कुदरती करिश्मे की कहानी को शुरुआत बिहार के दरभंगा के बहेड़ा थाना अंतर्गत रामपुर गांव से शुरू होती है। इसी गांव में वर्ष 2009 में संतोष झा व रुनम झा के घर जुड़वां बेटे पैदा हुए। दोनों के जन्म एक घंटे का अंतर है। जुड़वाँ बेटे के जन्म से पूरा परिवार बहुत खुश हुआ दोनों को लव कुश का नाम दिया। वर्तमान में दोनों की उम्र 7 साल है। लेकिन जुड़वाँ बच्चो की कुछ विशेषतायेँ होती जिसे मेडिकल साइंस नहीं मानता पर आम लोग इस बात पर यकीन करते है। बकौल लव कुश की माँ रुनम झा  दोनों के साथ ऐसा ही होता है, जैसे एक के बीमार पड़ते ही दूसरा भी उसी बीमारी की चपेट में आ जाता है। इससे घर वालों की परेशानी भी बढ़ जाती है।साथ ही आर्थिक असर भी पड़ जाता है। दोनों बच्चे दिमागी तौर पर पूरी तरह स्वस्थ व सामान्य बच्चों की तरह हैं। वक्त बीतता गया और दोनों भाई खेलते कूदते बड़े होने लगे समस्या का पता चला जब दोनों भाइयों में से किसी का भी हाथ टूटता तो दूसरे का भी एक घंटे के अंदर ठीक वैसे ही खुद ब खुद हाथ टूट जाता है। वर्तमान में डीएमसीएच के आर्थोपेडिक डॉक्टर एस एन सर्राफ के निजी क्लिनिक में दोनों का लगातार ईलाज चल रहा है। इस अनोखे और अविश्वसनीय हक़ीक़त के बाबत डॉ. सर्राफ व दोनों बच्चों की मां रुनम ने बताया कि लव का पांच बार हाथ टूटा तो कुश का भी टूटा, कुश का तीन बार हाथ टूटा तो लव का भी हाथ टूट गया। इसमें पहले कुश का हाथ टूटने के बाद उसके हाथ में नेल दिया गया जो अब ठीक है लेकिन ठीक घंटे भर के अंतराल के बाद लव का भी हाथ अपने-आप टूट गया जिसके हाथ में प्लेट लगाया गया है। इस अनोखे और अबूझ समस्या की वजह से अब पिता समेत परिवार बहुत परेशान हो गए है। साथ ही हालात ऐसे बन गए है कि इन दोनों भाइयों का ईलाज जारी रखना भी पिता के लिए आफत के सामान होता जा रहा है।दोनों बच्चों के पिता आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हैं। वे बेंगलूर में शेफ का काम करते हैं। वही दोनों भाइयों का लंबे समय से इलाज करने वाले डॉ.एस एन सर्राफ ने बताया कि इस धारणा को चिकित्सा जगत नहीं मानता। इस अनोखे और कुदरत के अबूझ समस्या को लेकर इंटरनेट पर भी इसे सर्च कर जानने की कोशिश की लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली है अब तक साथ ही विदेशों के कई चिकित्सकों से भी संपर्क किया मगर सभी अचंभित ही हैं। अब यह रिसर्च का विषय है कि आखिर ऐसा कैसे हो रहा है? विज्ञान के चरम काल में भी आखिर ये रहस्यमय समस्या कैसे घटित हो रही है। देखना है की आखिर मेडिकल फेटर्निटी कब तक इन जुड़वाँ भाइयों को इस कुदरत के चमत्कार कहले या अजीब बिमारी से निजात दिलवाने में कामयाब होती है?

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