कालाबाज़ारियों को बेनक़ाब करने का सराहनीय और ऎतिहासिक कार्य किया

गोंडा, युपी/मयूर रैतानीः अपनी जान जोखिम में डाल कर जहाँ पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक नें गरीबों के पेट पर डाका डालने वाले रसूख़ दार कालाबाज़ारियों को बेनक़ाब करने का सराहनिए और ऎतिहासिक कार्य किया और गरीबों के अनाज को इन माफियाओं के चंगुल से छुड़ाने में प्रशासन की मदद की तो वहीँ ज़िला सप्लाई ऑफिसर रसूख़दार कालाबाज़ारियों के दबाव में एफ़ सी आई भगौतीगंज के इंचार्ज को बचाने की कोशिश में लगे हैं। सप्लाई ऑफिसर जिस तरह पूरे मामले की लीपापोती में लगे हैं उस्से साफ़ ज़ाहिर होता है कि जनपद के कुछ अधिकारी और सत्ताधारी भी इस कालाबाज़ारी में मुलव्विस हैं इस लिए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच होना अति आवश्यक है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पकड़ा गया ट्रक राकेश कुमार यादव पुत्र नान्हें प्रसाद यादव के नाम से रजिस्टर्ड है।जानकारी के अनुसार ट्रक का टैक्स जनवरी 2016 से जमा नहीं है मगर अब तक महकमा ट्रांसपोर्ट की तरफ से इस ट्रक के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई जिस्से साफ़ ज़ाहिर होता है कि ट्रक मालिक कोई रसूखदार शख्स है और इस कालाबाज़ारी में भी कई सफेद पोश शामिल हैं और इन्हीं के इशारे पर पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक पर कातिलाना हमला किया गया है। बतादें कि 4 अगस्त को भगौटिगंज एफ़ सी आई सरकारी गल्ला गोदाम से कुछ लोगों नें एक ट्रक पर अनाज की बोरियाँ लाद कर कालाबाज़ारी के तहत ले जारहे थे जिसकी जानकारी पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक को हुई।ग़रीबों के अनाज की कालाबाज़ारी करने वालों को बेनक़ाब करने की ग़रज़ से पत्रकार नें अपनी जान जोखिम में डाल कर जैसे ही ट्रक पर लदे सरकारी गल्ले की फोटो खींचने की कोशिश की वहाँ मौजूद कालाबाज़ारियों नें पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक पर क़ातिलाना हमला करते हुए मार पीट शुरू कर दी यही नहीं हमलावरों नें पत्रकार को जानसे मारने के लिए फायर भी किया।मगर ऊपर वाले के करम से पत्रकार की जान बच गई।वारदात की सूचना उच्चाधिकारियों को हुई तो मौके पर पहुँच कर ट्रक को क़ब्ज़े में लिया गया और लाखों का अनाज भी बरामद हुआ।एक पत्रकार की निर्भीकता से ग़रीबों के पेट पर डाका डालने वालों की कालाबाज़ारी का पर्दाफाश हुआ मगर अफ़सोस कि जिला के कुछ ज़िम्मेदारा अधिकारी किसी तरह मुल्जिमान को बचाने में लगे हैं।बतादें कि बड़ी मुश्किल से मीडिया के दबाव में जिला सप्लाई ऑफिसर नें मुक़दमा तो दर्ज करा दिया मगर अब वह जिस तरह पूरे मामले पर सप्लाई इंस्पेक्टर पत्रकारों को गुमराह करने वाले जवाब दे रहे हैं उससे ऎसा लग रहा है कि किसी दबाव में या ज़ाती फायदे के लिए कुछ लोग अपराध करने वाले कालाबाज़ारियों को बचाने में लगे हैं। ज़िला सप्लाई ऑफिसर की मानें तो एफ़ सी आई गोदाम में कोई कमी नहीं पाई गई और गोदाम में पूरा माल रक्खा है जिस्से साफ़ ज़ाहिर है कि गोदाम इंचार्ज की कोई ग़लती नही है।उन्हों नें यह भी बताया कि सप्लाई इंस्पेक्टर इन्द्रभान वर्मा नें घनश्याम मौर्या, परवीन कुमार अग्रवाल और ट्रक मालिक राकेश यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।ज़िला सप्लाई अफसर से जब सवाल पूछा गया कि अगर गोदाम में कोई कमी नही तो बरामद अनाज की बोरियाँ कहाँ से आईं? तो उन्हों नें कहा कि लगता है घटतौली का माल है।यहाँ अफ़सोस की बात यह है कि ज़िम्मेदारा अधिकारी नें जिस तरह की बात कही उस्से साफ़ ज़ाहिर होता है कि दाल में कुछ काला है। इस लिए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच कराया जाना अति आवश्यक है।वहीं जनमानस पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक के सराहनिए कार्य की तारीफ़ करते सुनाई दे रहे हैं।

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