भूख और गंदगी के कारण दो सप्ताह में 500 गायों की मौत

जयपुर, राजस्थान/मंगलसिंहः हिंगोनिया में गायों की दुर्दशा और दुर्गति देख कर अहसास होता है कि इंसानियत मर चुकी है सरकार किसी की भी हो मेरी गौ माता की दुर्दशा में कोई कमी नही आई मेरी माँ बोल नही सकती पर मौन दुहाई तो दे ही रही है ऐ भारत के नर नारियों तुम भी इसी तरह तुम्हारे बच्चो द्वारा घर से बेघर किये जाओगे जैसे मै और मेरा वंश खत्म किया जा रहा है वैसे ही एक दिन तुम्हारा भी कोई नाम लेने वाला नही होगा अपने वंश को बचाना चाहते हो तो अभी भी समय है मेरी और मेरे वंश की रक्षा और सुरक्षा करो।ये काम तुम्हें करना होगा मेरे बच्चों अब सरकारों के भरोसे मुझे मत छोड़ो सरकारों को ही मेरी रक्षा करनी होती तो जब इस देश में ऊँट ,मोर ,टाइगर, को बचाने के लिये राष्ट्रीयता दी जा सकती है जिनका मनुष्य के जीवन में इतना लाभ भी नही फिर मेरे बच्चों मै तो तुम्हारे जन्म से लेकर मरण तक काम आती हूँ मेरी ऐसी कौन सी वस्तु है जो तुम्हारे लिये उपयोगी नही अरे किसी देवता महापुरुष विद्धवान या भक्त राजा रंक फकीर किसी के भी मल मूत्र से पवित्रता नही आ सकती उसके लिये भी जब जब तुम्हें यज्ञ हवन पूजन व्रत त्यौहार करने पड़ते है तब मेरे ही गोबर और गौ मूत्र से स्थान का शुद्धिकरण करते हो अपने देवता को बुलाते हो और अब सावन में जिस भोले नाथ की तुम भक्ति करते हो बुलाते हो उसकी सवारी नन्दी की जिस पर सवार होकर वो आता उसकी क्या दुर्गति कर् रखी है।मेरे बच्चों कैसे सुख शांति माँगते हो भोले बाबा से जिसके नन्दी  के परिवार को तुमने दुखी कर रखा है कृष्ण की गईया और शंकर का नन्दी दोनों को नष्ट करने में तुमने कोई कमी नही छोड़ी।कैसे सुख मिल सकता है तुम्हें मेरे बच्चों जो तुम दुसरों को दे रहें हो वही तो तुम्हें मिलेगा ये क्यों भूल जाते हो।जिन बीमारियों का इलाज दवाईयों से नही हो सकता उनका इलाज मेरे पंचगव्य से हो जाता है तुम्हारे असाध्य रोगों को मेरे पंचगव्य द्वारा ठीक किया जा सकता है मुझे यूँही थोड़े तुम्हारे पुरखों ने 33 करोड़ देवता की निवासिनी बोला था यूँही थोड़ी मुझे बचाने के लिये अपने प्राणों की बलि दी वो जानते थे मेरे गुणों को इसलिये मेरी पूजा अर्चना सेवा जी जान से किया करते थे।अब भी समय है मेरे बच्चों बचा लो मुझे और मेरे वंश को मैं तुम्हें विश्व पर राज करने वाला बना दूँगी मै तुम्हें विश्व विजेता बना दूँगी फिर से सोने की चिड़िया कहलायेगा भारत…मेरे बच्चों सत्ता के नशे में चूर हिन्दुत्व का नारा बुलन्द करने वाली सरकारें ही गौ माताओं की अकाल मृत्यु की जिम्मेदार हैं अधिकारियों की इच्छा शक्ति के बगैर इसे नहीं रोका जा सकता इतनी संख्या में गायों के मरने के बाद भी सरकार इन अधिकारियों के खिलाफ कदम क्यों नहीं उठा रही।उल्लेखनीय है कि हिंगोनिया गौशाला की देखरेख का पूरा जिम्मा नगर निगम का है सरकार इस गौशाला के लिए हर वर्ष 15 करोड़ रूपए जारी करती है गौशाला में गायों की देखरेख के लिए 17 पशु चिकित्सक और चालीस नर्सिंग स्टाफ भी है लेकिन पिछले एक पखवाड़े में इस गौशाला में पाँच सौ से अधिक गायों की मौत हो चुकी है

Share This Post

Post Comment