मृत बच्ची के शव के सामने बाल खोलकर झूमने लगी पाखंडी औरत

पटना, बिहार/शिवशंकर लालः विज्ञान के चरम काल में भी बिहार के कई जिलों में अभी भी अन्धविश्वास और जादू टोना के प्रति लोगो की आस्था की जड़े गहरे तक पैठ बनाये हुए है। ढोगी और शातिरों ने तंत्र मंत्र के नाम पर इन भोले भाले लोगो को ठगने का व्यापार आज भी बदस्तूर जारी है। इसी की बानगी दिखी भागलपुर के नाथनगर में जहा चेचक की बिमारी से सोनी नामक एक बच्ची की मौत हो गई। अपनी नन्ही बच्ची की असमय मौत से दुखी परिजनों को बच्ची को पुनः जीवित कर देने के बात कह एक तथाकथित तांत्रिक महिला जो स्वयं को माँ काली का स्वरुप बताती है ने ढोंग और स्वाग रचकर मृत बच्ची के शव से कई घंटों तक खिलवाड़ करती रही। इस बीच आस पास के लोगो का हुजूम तमाशबीन बन घंटो महिला की नौटंकी देखता रहा। अपने मासूम बच्ची की मौत से आहत दिनेश मंडल ने बताया कि एक महिला तांत्रिक ने मरे हुए बच्चे को जिन्दा करने का दावा किया।भोले भाले दिनेश मंडल का परिवार इस शातिर महिला की बातों पर विश्वास कर बच्ची के पुनः जिन्दा होने की उम्मीद में उसकी बातों में आया गया। फिर क्या था तथाकथित तांत्रिक महिला ने बच्ची के शव को पहले नहलाया और फिर पूजा की और दावा किया कि अगले 24 घंटे में बच्ची को जिन्दा कर देगी। तंत्र मंत्र और बाल खोलकर महिला द्वारा झूमने का ढोंग कई घंटो तक चलता रहा है। वही तमाशबीन भीड़ ये सोच कर की बच्ची पुनः जिन्दा हो जायेगी साँसें थाम कर घंटो चुपचाप खड़ी रही पर न ऐसा कभी हुआ है न होना था। आखिर में तांत्रिक महिला बच्ची के शव के सामने बुरी तरह कापने लगी लेकिन बच्ची को जिन्दा नहीं कर पाई। तमाम ढकोसलों और ढोग के बाद शातिर महिला ने बच्ची के पिता को के कह दिया की बच्ची का कालेज किसी ने निकाल लिया है। इस लिए बच्ची को जिन्दा नहीं किया जा सकता है। फरेब के इस खेल में शातिर महिला द्वारा परिजनों समेत तमाम ग्रमीणों को घंटो बेवकूफ बनाया जाता रहा। इस घटना से प्रतीत होता है की आज भी लोग अन्धविश्वास के भवर में फस कर शातिरों और नौटंकीबाज ठगों के फेर में पड़ कर अपना नुकसान कर बैठते है। जरुरत है समाज के इन हिस्सो तक जानकारी पहुचाने की ताकि भोले भाले लोग इन पाखंडियो और धूर्तो के चक्कर में न पड़े।

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